Ujjain-Tarana में सांप्रदायिक तांडव: विहिप नेता पर जानलेवा हमला, बस स्टैंड पर मची भारी तबाही और लगा कर्फ्यू जैसा प्रतिबंध

Ujjain-Tarana
उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले का तराना क्षेत्र गुरुवार शाम को जल उठा। एक मामूली विवाद ने देखते ही देखते वह भयावह रूप अख्तियार कर लिया जिसकी कल्पना स्थानीय प्रशासन ने भी नहीं की थी। तराना कस्बे में दो पक्षों के बीच हुई इस हिंसक झड़प ने न केवल सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया है, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द को भी हिलाकर रख दिया है। Ujjain-Tarana के इस बवाल में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के एक कद्दावर पदाधिकारी लहूलुहान हो गए, जिसके बाद आक्रोशित भीड़ ने बस स्टैंड पर खड़ी एक दर्जन से अधिक बसों को अपना निशाना बनाया। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया है और तत्काल प्रभाव से धारा 144 लागू कर दी गई है।
आखिर कैसे शुरू हुई Ujjain-Tarana की यह हिंसा?
घटना की शुरुआत गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे तराना के मालीपुरा और शुक्ला गली क्षेत्र में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, तराना के बड़े राम मंदिर के पास विश्व हिंदू परिषद के नगर मंत्री सोहेल ठाकुर (उर्फ सोहन बुंदेला) खड़े थे। इसी दौरान मदारगढ़ क्षेत्र के कुछ युवक वहां पहुंचे। बताया जा रहा है कि विवाद की जड़ सिर्फ इतनी सी थी कि मंदिर के पास खड़े होने को लेकर आरोपियों ने आपत्ति जताई। देखते ही देखते बहस हाथापाई में बदल गई।
विवाद के दौरान ईशान मिर्जा और उसके साथियों ने पीछे से सोहेल ठाकुर पर हमला बोल दिया। हमले में सोहेल के सिर पर गहरी चोटें आई हैं। जैसे ही यह खबर नगर में फैली, Ujjain-Tarana के हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। घायल सोहेल को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें गंभीर स्थिति में उज्जैन जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
बस स्टैंड पर 12 बसों के कांच चकनाचूर, दुकानों में तोड़फोड़
हमले की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते तराना बस स्टैंड युद्ध का मैदान बन गया। आक्रोशित भीड़ ने वहां खड़ी निजी और सार्वजनिक परिवहन की 11 से 12 बसों के शीशे लाठियों और पत्थरों से तोड़ दिए। कुछ उपद्रवियों ने दुकानों और एक निजी डेंटल क्लिनिक को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। Ujjain-Tarana क्षेत्र में मची इस अफरा-तफरी के कारण दुकानदारों ने अपनी शटर गिरा दीं और पूरे कस्बे में दहशत का माहौल बन गया। सड़कों पर केवल पुलिस की गाड़ियों के सायरन और उपद्रवियों का शोर सुनाई दे रहा था।
घटना की 8 तस्वीरें








प्रशासन का सख्त रुख: 6 पर जानलेवा हमले का केस
पुलिस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पीड़ित पक्ष की शिकायत पर ईशान मिर्जा, सप्पान मिर्जा, शादाब उर्फ इडली, सलमान मिर्जा, रिजवान मिर्जा और नावेद के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) समेत अन्य संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने साफ किया है कि Ujjain-Tarana की शांति भंग करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, अभी मुख्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं।
छावनी में बदला तराना, धारा 144 लागू
तनाव को देखते हुए उज्जैन मुख्यालय के साथ-साथ माकड़ौन, कायथा और अन्य 7 थानों का पुलिस बल तराना में तैनात कर दिया गया है। कलेक्टर के निर्देश पर पूरे क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है, जिसके तहत किसी भी स्थान पर 5 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी है। पुलिस लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से घरों में रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रही है। Ujjain-Tarana के संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से भी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
हिंदू संगठनों की मांग: “आरोपियों के घर चले बुलडोजर”
देर रात तक तराना थाने का घेराव कर प्रदर्शन कर रहे हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। बजरंग दल और विहिप के पदाधिकारियों का कहना है कि उनके कार्यकर्ता पर हुआ यह हमला सुनियोजित था। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए, बल्कि उनके अवैध निर्माणों पर बुलडोजर भी चलाया जाए। Ujjain-Tarana के इस घटनाक्रम ने एक बार फिर जिले में कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
वर्तमान स्थिति: शांति पर पहरा
फिलहाल, Ujjain-Tarana में स्थिति नियंत्रण में है लेकिन तनाव बरकरार है। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं। एसपी प्रदीप शर्मा ने स्पष्ट किया है कि सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर अन्य उपद्रवियों की भी पहचान की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। आने वाले 24 घंटे इस क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि घायल कार्यकर्ता की स्थिति और पुलिस की गिरफ्तारी की कार्रवाई पर ही नगर का माहौल निर्भर करेगा।
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