Padma Shri Awards 2026: मध्यप्रदेश की 3 हस्तियों को पद्मश्री, कला और साहित्य के क्षेत्र में गूंजा एमपी का नाम

Padma Shri Awards 2026: मध्यप्रदेश की 3 हस्तियों को पद्मश्री
भोपाल। गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों का ऐलान कर दिया है। इस वर्ष Padma Shri Awards 2026: मध्यप्रदेश की 3 हस्तियों को पद्मश्री से सम्मानित करने की घोषणा की गई है, जिससे पूरे प्रदेश में हर्ष की लहर दौड़ गई है। इन विजेताओं में भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार कैलाश चंद्र पंत, सागर के बुंदेली युद्ध कला प्रशिक्षक भगवानदास रैकवार और बैतूल के जल संरक्षण क्षेत्र के नायक मोहन नागर शामिल हैं।
यह सम्मान न केवल इन हस्तियों की दशकों की तपस्या का प्रतिफल है, बल्कि यह मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत की जीत भी है।
कैलाश चंद्र पंत: साहित्य और पत्रकारिता के ‘अक्षय’ स्तंभ
Padma Shri Awards 2026: मध्यप्रदेश की 3 हस्तियों को पद्मश्री के विजेताओं में भोपाल के कैलाश चंद्र पंत (Kailash Chandra Pant) को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए पद्मश्री दिया गया है। 26 अप्रैल 1936 को जन्मे पंत जी पिछले कई दशकों से हिंदी साहित्य की सेवा कर रहे हैं। वे ‘अक्षरा’ जैसी प्रतिष्ठित पत्रिका के संपादक रहे हैं और उनकी लेखनी ने समाज को नई दिशा दी है। उनकी बेटी प्रीति और दामाद देवेश जोशी ने बताया कि यह सम्मान उनकी 50 वर्षों की साहित्यिक साधना का परिणाम है।
भगवानदास रैकवार: बुंदेली युद्ध कला के रक्षक
Padma Shri Awards 2026: मध्यप्रदेश की 3 हस्तियों को पद्मश्री के विजेताओं में सागर के भगवानदास रैकवार (Bhagwandas Raikwar) को ‘कला’ के क्षेत्र में यह सम्मान मिला है। रैकवार जी विलुप्त होती बुंदेली युद्ध कला (War Art) के प्रशिक्षक हैं। उन्होंने अपनी पूरी उम्र इस पारंपरिक कला को जीवित रखने और युवाओं को प्रशिक्षित करने में लगा दी। आज उनके इस “अनसंग हीरो” वाले जज्बे को भारत सरकार ने सलाम किया है।
मोहन नागर: सोना घाटी में जल क्रांति के प्रणेता
Padma Shri Awards 2026: मध्यप्रदेश की 3 हस्तियों को पद्मश्री के विजेताओं में बैतूल जिले के मोहन नागर (Mohan Nagar) को समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण के लिए चुना गया है। उन्होंने सोना घाटी क्षेत्र में ‘गंगा अवतरण अभियान’ के जरिए जल संरक्षण की जो अलख जगाई, उसने पूरे देश का ध्यान खींचा। जैविक कृषि, गो-संरक्षण और ग्रामीण विकास के उनके मॉडल को आज राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है।
पद्म पुरस्कार 2026: एक नजर में (Quick Table)
| नाम | जिला | क्षेत्र | मुख्य योगदान |
| कैलाश चंद्र पंत | भोपाल | साहित्य एवं शिक्षा | पत्रकारिता और ‘अक्षरा’ पत्रिका का संपादन |
| भगवानदास रैकवार | सागर | कला | बुंदेली पारंपरिक युद्ध कला का संरक्षण |
| मोहन नागर | बैतूल | समाज सेवा | जल संरक्षण और ग्रामीण विकास |
क्या होते हैं ये नागरिक सम्मान?
देश के नागरिक पुरस्कारों की शुरुआत 1954 में की गई थी। हर साल गणतंत्र दिवस पर इनकी घोषणा होती है। Padma Shri Awards 2026: मध्यप्रदेश की 3 हस्तियों को पद्मश्री मिलना राज्य के लिए गौरव की बात है क्योंकि ये पुरस्कार असाधारण उपलब्धियों के लिए दिए जाते हैं। मार्च-अप्रैल के महीने में राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में महामहिम राष्ट्रपति इन्हें पदक और प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे।
इस बार की सूची में देशभर से 45 ‘अनसंग हीरोज’ (Unsung Heroes) को शामिल किया गया है, जो बिना किसी प्रचार के जमीन पर काम कर रहे हैं। मध्यप्रदेश के ये तीनों नाम भी इसी श्रेणी में अपनी चमक बिखेर रहे हैं।

