चित्तौड़गढ़: पालना गृह में मिली 2 दिन की Navjat Bachhi सुरक्षित मिली, परिजनों पर नहीं होगी कार्रवाई
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
31 जनवरी 2026, (अपडेटेड 31 जनवरी 2026, 10:16 अपराह्न IST)

चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में मानवता और ममता को झकझोर देने वाली, लेकिन साथ ही राहत भरी एक खबर सामने आई है। यहां जिला महिला एवं बाल चिकित्सालय के पालना गृह (Cradle Scheme) में एक Navjat Bachhi मिली है। अज्ञात परिजन अपनी महज दो दिन की इस मासूम को अस्पताल के सुरक्षित माहौल में छोड़कर चले गए। गनीमत रही कि Navjat Bachhi को झाड़ियों या कचरे में फेंकने के बजाय सरकार द्वारा स्थापित सुरक्षित पालना गृह में छोड़ा गया, जिससे उसकी जान बच गई।

पालना गृह की घंटी बजी और हरकत में आया स्टाफ

अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, महिला एवं बाल चिकित्सालय में बने पालना गृह में जैसे ही किसी ने इस Navjat Bachhi को रखा, वहां लगा सेंसर अलार्म बज उठा। अलार्म की आवाज सुनते ही अस्पताल का नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षाकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि पालना गृह में एक मासूम बच्ची कपड़े में लिपटी हुई सुरक्षित अवस्था में रखी है।

स्टाफ ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए बच्ची को वहां से उठाया और सीधे मेडिकल वार्ड में लेकर गए, जहां डॉक्टरों की टीम ने उसकी प्रारंभिक जांच शुरू की।

मेडिकल रिपोर्ट में स्वस्थ मिली Navjat Bachhi

अस्पताल के डॉक्टरों ने जब इस Navjat Bachhi का स्वास्थ्य परीक्षण किया, तो सुखद परिणाम सामने आए। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची की उम्र करीब दो दिन है और वह पूरी तरह से स्वस्थ है। उसका वजन 3275 ग्राम (सवा तीन किलो के करीब) दर्ज किया गया है, जो एक नवजात के लिहाज से बहुत अच्छा माना जाता है।

बाल कल्याण समिति (CWC) की अध्यक्ष प्रियंका पालीवाल ने बताया कि बच्ची के शरीर पर किसी तरह की चोट, खरोंच या बीमारी के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं। उसकी सभी सामान्य गतिविधियां ठीक हैं।

SNCU में निगरानी में है मासूम

भले ही बच्ची स्वस्थ है, लेकिन एहतियात के तौर पर डॉक्टरों ने उसे अस्पताल के SNCU (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) वार्ड में भर्ती किया है। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की निगरानी में उसे ‘अंडर ऑब्जर्वेशन’ रखा गया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि नवजात होने के कारण उसकी जरूरी जांचें की जा रही हैं और उसके खान-पान का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बनी हुई है।

परिजनों पर क्यों नहीं होगी कानूनी कार्रवाई?

अक्सर ऐसे मामलों में पुलिस नवजात को छोड़ने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करती है, लेकिन इस केस में ऐसा नहीं होगा। इसका कारण स्पष्ट करते हुए CWC अध्यक्ष प्रियंका पालीवाल ने बताया कि सरकार की ‘पालना गृह योजना’ का उद्देश्य ही मासूमों की जान बचाना है।

“चूंकि इस Navjat Bachhi को असुरक्षित स्थान पर फेंकने के बजाय पालना गृह में सुरक्षित रूप से छोड़ा गया है, इसलिए नियमानुसार परिजनों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई (FIR) नहीं की जाएगी।” -CWC अध्यक्ष प्रियंका पालीवाल

यह योजना उन माता-पिता के लिए है जो किसी मजबूरीवश बच्चे को नहीं अपना सकते, वे बिना अपनी पहचान उजागर किए बच्चे को यहां सुरक्षित छोड़ सकते हैं।

आगे क्या होगा?

अस्पताल में चिकित्सकीय प्रोटोकॉल पूरा होने और बच्ची के पूरी तरह स्थिर होने के बाद, बाल कल्याण समिति (CWC) उसे अपनी देखरेख में लेगी। इसके बाद बच्ची को किसी मान्यता प्राप्त शिशु गृह (Adoption Agency) में भेजा जाएगा, जहां से उसे गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी, ताकि उसे एक नया परिवार मिल सके।


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Aakash Sharma
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