Budget 2026: विकसित भारत का रोडमैप या आम आदमी की उम्मीदों पर पानी? नीमच-मंदसौर के दिग्गजों ने दी तीखी प्रतिक्रिया

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नीमच। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद के पटल पर रखे गए वर्ष 2026-27 के केंद्रीय Budget ने नीमच और मंदसौर जिले के सियासी पारे को गरमा दिया है। जहाँ सत्ता पक्ष इसे ‘विकसित भारत @ 2047’ के लक्ष्य को साधने वाला एक दूरदर्शी दस्तावेज बता रहा है, वहीं विपक्षी नेताओं और स्थानीय विशेषज्ञों ने इसे क्षेत्र की बुनियादी जरूरतों की अनदेखी करने वाला बताया है। इस Budget को लेकर अंचल के राजनीतिक गलियारों में पक्ष-विपक्ष के बीच तलवारें खिंच गई हैं।
राहुल गांधी का सरकार पर सीधा हमला: ‘मित्रों का विकास’
बजट के पेश होते ही लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की मंशा पर कड़े सवाल उठाए हैं। उनके इस बयान ने देशभर में एक नई बहस छेड़ दी है। राहुल गांधी ने सरकार को घेरते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा:
“देश का युवा बिना रोजगार के भटक रहा है। हमारा विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र लगातार गिर रहा है और निवेशक भारत से अपनी पूंजी निकाल रहे हैं। घरेलू बचत (Household Savings) अपने सबसे निचले स्तर पर है और किसान गहरे संकट में हैं। इन सबके बावजूद सरकार ने वैश्विक झटकों और आंतरिक चुनौतियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। यह बजट अपनी गलतियों को सुधारने (Course Correction) से साफ इनकार करता है। सरकार देश के असली संकटों—महंगाई, बेरोजगारी और कृषि संकट—के प्रति पूरी तरह अंधी हो चुकी है। यह बजट देश के विकास का नहीं, बल्कि कुछ चुनिंदा मित्रों के विकास का दस्तावेज है।”
राहुल गांधी के इस बयान ने स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी नई ऊर्जा भर दी है और वे अब भाजपा के ‘विकास’ के दावों पर सवाल दाग रहे हैं।
सत्ता पक्ष का उत्साह: ‘सर्वव्यापी और सर्वस्पर्शी बजट’
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने इस Budget की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह Budget गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं के सशक्तिकरण पर केंद्रित है, जिससे देश आत्मनिर्भर बनेगा। वहीं, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भोपाल में कार्यकर्ताओं के साथ इसे सुनते हुए कहा कि यह किसान, युवा और मध्यम वर्ग सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के सर्वांगीण उत्थान को सुनिश्चित करने वाला है।
स्थानीय स्तर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष और कर सलाहकार निलेश पाटीदार ने अपनी त्वरित टिप्पणी में कहा कि यह केवल आय-व्यय का विवरण नहीं है, बल्कि इसमें विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की सशक्त झलक दिखती है। उनके अनुसार, यह Budget सर्वस्पर्शी और सर्वव्यापी है।
कांग्रेस का कड़ा प्रहार: ‘महंगाई को मिली खुली छूट’
दूसरी ओर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने Budget 2026 को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। बाहेती ने कहा, “यह Budget जनविरोधी, असंतुलित और कॉरपोरेट-परस्त है। सरकार ने महंगाई को खुली छूट दे दी है और आम आदमी की जेब खाली कर दी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को MSP की गारंटी नहीं दी गई और युवाओं के लिए रोजगार का कोई ठोस रोडमैप नहीं है। बाहेती के अनुसार, आयकरदाताओं और मध्यम वर्ग को इस बार भी निराशा ही हाथ लगी है।
संसदीय क्षेत्र की उपेक्षा: पूर्व विधायक डॉ. जाजू का विश्लेषण
मंदसौर संसदीय क्षेत्र के विकास की दृष्टि से पूर्व विधायक डॉ. संपत स्वरूप जाजू ने Budget को अत्यंत निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि देश के 80वें केंद्रीय Budget ने अंचल की जनता को ठगा है। डॉ. जाजू ने तर्क दिया कि सात हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं में नीमच-मंदसौर-चित्तौड़गढ़ बेल्ट की पूरी तरह अनदेखी की गई है। उन्होंने सीमेंट हब और हिंदुस्तान जिंक जैसे बड़े उद्योगों के बावजूद फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा न होने पर भी सवाल उठाए। पर्यटन के क्षेत्र में भी ‘शिव कॉरिडोर’ और हवाई पट्टी के उन्नयन की मांग अधूरी रह गई।
विशेषज्ञों की राय: मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों के लिए शून्य
सीए भावेश सिंहल ने Budget का विश्लेषण करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे और मेडिकल क्षेत्र के लिए कदम सराहनीय हैं, लेकिन मध्यम वर्ग के लिए यह Budget दुखद है क्योंकि ITR में कोई विशेष छूट नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि यह Budget पूरी तरह से बड़े व्यापारी वर्ग को खुश करने के लिए बनाया गया प्रतीत होता है, जबकि छोटा व्यापारी खाली हाथ रह गया है।
मौन रहे ‘माननीय’: सुस्ती और चुप्पी पर उठे सवाल
बजट जैसे महत्वपूर्ण विषय पर जब क्षेत्र के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों से बात करने की कोशिश की गई, तो उनका रवैया क्षेत्र की जनता को निराश करने वाला रहा:
| जनप्रतिनिधि | प्रतिक्रिया/स्थिति | बहाना/कारण |
| सुधीर गुप्ता (सांसद) | कोई बयान नहीं | सुबह से शाम तक “मीटिंग में व्यस्त” होने का दावा। |
| दिलीप सिंह परिहार (विधायक) | मौन साधे रखा | अपने दौरों और कार्यक्रमों की व्यस्तता का हवाला। |
| पवन पाटीदार (भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष) | कोई बयान नहीं | अपने दौरों और कार्यक्रमों की व्यस्तता का हवाला। |
| स्वाति चोपड़ा (नपा अध्यक्ष) | टिप्पणी से इनकार | नेटवर्क इशू और निजी कार्य का बहाना। |
इन दिग्गजों की चुप्पी यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या वे खुद इस Budget से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं या जनता के तीखे सवालों का सामना करने से बच रहे हैं।
जनता में बढ़ता आक्रोश
नीमच और मंदसौर की जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि वोट के समय घर-घर दस्तक देने वाले ये नेता Budget जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर कहाँ गायब हैं? विपक्ष ने इसे “मैदान छोड़कर भागना” करार दिया है। सोशल मीडिया पर भी लोग पूछ रहे हैं कि क्या हमारे नेता भी मान चुके हैं कि इस क्षेत्र के लिए दिल्ली के खजाने में कुछ नहीं था?

