मंदसौर पशुपतिनाथ मंदिर के लिए नया Mahashivratri Traffic Plan लागू, इन रास्तों पर रहेगी भारी वाहनों की नो-एंट्री

Mahashivratri Traffic Plan

Mahashivratri Traffic Plan

मंदसौर (The Times of MP)। आस्था के महाकुंभ महाशिवरात्रि को लेकर भगवान श्री पशुपतिनाथ की नगरी मंदसौर पूरी तरह से तैयार है। इस पावन अवसर पर उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। यातायात पुलिस मंदसौर द्वारा विशेष Mahashivratri Traffic Plan लागू किया गया है, जो महाशिवरात्रि के दिन तड़के सुबह 4:00 बजे से प्रभावी हो जाएगा।

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प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दर्शन के लिए आने वाले किसी भी श्रद्धालु को जाम की स्थिति का सामना न करना पड़े। इस विस्तृत Mahashivratri Traffic Plan के तहत भारी वाहनों के प्रवेश से लेकर पार्किंग स्थलों के चयन तक में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित: रूट डायवर्जन की पूरी जानकारी

Mahashivratri Traffic Plan
Mahashivratri Traffic Plan

शहर के व्यस्ततम इलाकों और पशुपतिनाथ मंदिर मार्ग पर दबाव कम करने के लिए बड़े और भारी वाहनों के लिए विशेष रूट डायवर्जन लागू किया गया है।

  1. प्रमुख मार्ग पर रोक: इस Mahashivratri Traffic Plan के अनुसार, नाका नंबर 10 से लेकर कोर्ट घाटी रोड और अंबेडकर चौराहा तक बसों तथा अन्य सभी प्रकार के भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा।

  2. वैकल्पिक मार्ग: शहर से होकर गुजरने वाले ऐसे वाहनों को अब बाईपास नयाखेड़ा मार्ग से डाइवर्ट किया जाएगा। यात्रियों और बस ऑपरेटरों को सलाह दी गई है कि वे शहर के मुख्य हिस्से में प्रवेश करने के बजाय इसी सुरक्षित रूट का पालन करें ताकि यातायात व्यवस्था में कोई व्यवधान न आए।

छोटे वाहनों और स्थानीय यातायात के लिए नए नियम

पशुपतिनाथ मंदिर की भौगोलिक स्थिति और संकीर्ण रास्तों को देखते हुए छोटे वाहनों के लिए भी विशेष गाइडलाइन जारी की गई है।

  • बड़ी और छोटी पुलिया का नियंत्रण: श्री पशुपतिनाथ मेला ग्राउंड के पास स्थित बड़ी और छोटी पुलिया पर पुलिस बल तैनात रहेगा। आवश्यकतानुसार यहाँ से दो पहिया, चार पहिया और ऑटो रिक्शा की आवाजाही को किसी भी समय रोका जा सकता है।

  • खिलजीपुरा मार्ग का उपयोग: इस Mahashivratri Traffic Plan के तहत खिलजीपुरा क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों और वहाँ से आने-जाने वाले लोगों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किया गया है। उन्हें सर्किट हाउस और कुबेर मंदिर वाले मार्ग का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मुख्य मेला क्षेत्र में वाहनों का जमावड़ा न हो।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष पार्किंग व्यवस्था

दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने शहर के विभिन्न हिस्सों में विशाल पार्किंग ज़ोन चिन्हित किए हैं। यदि आप अपनी निजी गाड़ी से आ रहे हैं, तो इन स्थानों का ध्यान रखें:

  • भावसार धर्मशाला मैदान: यहाँ दो पहिया वाहनों के लिए विशेष पार्किंग जोन बनाया गया है।

  • कोर्ट घाटी रोड एवं पशुपतिनाथ मेला ग्राउंड: यहाँ श्रद्धालुओं के चार पहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।

  • द्वारकाधीश मंदिर के पास: मंदिर के समीप स्थित पार्किंग स्थल का उपयोग स्थानीय और बाहर से आने वाले श्रद्धालु कर सकेंगे।

  • चंद्रपुरा पार्किंग: चंद्रपुरा की ओर से आने वाले भक्तों के लिए मंदिर की अधिकृत पार्किंग पर वाहनों को खड़ा करना अनिवार्य होगा।

मंदिर द्वार पर ‘ज़ीरो टॉलरेंस‘: सख्त होगी कार्रवाई

थाना यातायात मंदसौर ने स्पष्ट किया है कि नए और पुराने पशुपतिनाथ मंदिर के मुख्य द्वारों पर किसी भी प्रकार का वाहन खड़ा करना सख्त मना है। इस Mahashivratri Traffic Plan का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जाएगा। यदि कोई वाहन प्रतिबंधित क्षेत्र में खड़ा पाया जाता है, तो उसे क्रेन द्वारा हटाकर पुलिस लाइन भेजा जाएगा और नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जाएगी।

दर्शनार्थियों के लिए सुरक्षा एवं सुविधा के निर्देश

महाशिवरात्रि पर भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन सुगम बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है।

  1. पैदल श्रद्धालुओं को प्राथमिकता: मंदिर जाने वाले मुख्य मार्गों पर पैदल चलने वाले भक्तों को प्राथमिकता दी जाएगी।

  2. पुलिस का सहयोग: जगह-जगह तैनात यातायात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।

  3. समय का ध्यान: चूँकि यह Mahashivratri Traffic Plan सुबह 4:00 बजे से ही प्रभावी हो जाएगा, इसलिए दर्शन के लिए जल्दी निकलने वाले श्रद्धालु तदनुसार अपने मार्ग का चयन करें।

मंदसौर के इतिहास में पशुपतिनाथ मेला और महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है। इस बार प्रशासन ने तकनीक और अतिरिक्त बल का उपयोग कर यातायात को मैनेज करने की योजना बनाई है। यह Mahashivratri Traffic Plan तब तक प्रभावी रहेगा जब तक कि दर्शनार्थियों की भीड़ सामान्य नहीं हो जाती।


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