Asthi Kalash Yatra:11 निराश्रितों के मोक्ष के लिए नीमच से शुरू हुई ‘अस्थि कलश यात्रा’, बेजुबान भी बना साक्षी

Asthi Kalash Yatra
नीमच | मध्य प्रदेश के नीमच जिले में आज श्रद्धा और निस्वार्थ सेवा का एक ऐसा अद्भुत अध्याय लिखा गया, जिसने आधुनिक समाज को मानवता का असली अर्थ समझा दिया। विजिया मित्र मंडल द्वारा आयोजित अस्थि कलश यात्रा (Asthi Kalash Yatra) आज सुबह नीमच सिटी रोड स्थित मुक्तिधाम से पूरे विधि-विधान के साथ प्रारंभ हुई। इस वर्ष मंडल के सदस्यों ने 11 ऐसे अभागे और निराश्रित लोगों की अस्थियों को अपने कंधों पर उठाया है, जिनका इस दुनिया में अंतिम संस्कार करने वाला कोई सगा-संबंधी नहीं था।
भक्ति और संवेदनाओं का अनूठा संगम
गुरुवार सुबह 8 बजे जब अस्थि कलश यात्रा (Asthi Kalash Yatra) ने मुक्तिधाम से प्रस्थान किया, तो पूरा वातावरण “गंगा तेरा पानी अमृत” और “हर हर भोले नमः शिवाय” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। बैंड-बाजों पर बजते धार्मिक भजनों ने उपस्थित जनसमूह की आंखों को नम कर दिया। यह यात्रा केवल अस्थियों का विसर्जन मात्र नहीं है, बल्कि उन भटकती आत्माओं को शांति दिलाने का एक पवित्र संकल्प है।
नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी यात्रा, उमड़ा जनसैलाब
यह भव्य अस्थि कलश यात्रा (Asthi Kalash Yatra) बारादरी चौराहा, बड़े बालाजी मंदिर, शीतला माता मंदिर, नृसिंह मंदिर और श्रीराम चौक होते हुए शहर के हृदय स्थल घंटाघर पहुंची। रास्ते भर स्थानीय व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और महिला श्रद्धालुओं ने कलशों पर पुष्प वर्षा की और धूप-अगरबत्ती जलाकर दिवंगतों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। जाजू बिल्डिंग और बावड़ी वाले बालाजी मंदिर मार्ग पर श्रद्धा का सैलाब ऐसा था कि मानो पूरा शहर इन निराश्रितों का परिवार बन गया हो।
हैरान कर देने वाला चमत्कार: यात्रा के साथ चला एक ‘श्वान’
इस वर्ष की अस्थि कलश यात्रा (Asthi Kalash Yatra) में एक अत्यंत दुर्लभ और आश्चर्यजनक घटना घटी, जो अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। जैसे ही यात्रा मुक्तिधाम से शुरू हुई, एक श्वान (डॉग) दल के साथ जुड़ गया। हैरानी की बात यह रही कि वह श्वान शहर के व्यस्त रास्तों से होते हुए रेलवे स्टेशन तक लगातार कलशों के साथ-साथ चलता रहा। इस वफादार बेजुबान का वीडियो सोशल मीडिया पर “कुदरत का करिश्मा” बताकर तेजी से वायरल किया जा रहा है।
24 वर्षों का अटूट सेवा संकल्प
अस्थि कलश यात्रा (Asthi Kalash Yatra) में विजिया मित्र मंडल पिछले 23 वर्षों से समाज के इस उपेक्षित वर्ग की सेवा कर रहा है। मंडल के वरिष्ठ सदस्य गोपाल सिंहल और सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि पिछले दो दशकों में मंडल ने अब तक लगभग 640 लावारिस अस्थियों का गंगाजी में विसर्जन कर उन्हें मोक्ष दिलाया है। इस वर्ष भी 11 सदस्यों का दल हरिद्वार के लिए रवाना हुआ है। इस दल में अनिल मित्तल, राजेश गोयल, संजय गोयल, दिलीप मित्तल, राकेश सफा और अरुण सैनी जैसे समर्पित सदस्य शामिल हैं।
6 मार्च को ‘हर की पैडी’ पर होगा तर्पण
यह अस्थि कलश यात्रा (Asthi Kalash Yatra) नीमच से रेल मार्ग द्वारा चित्तौड़गढ़ पहुंची है, जहां से भक्तगण हरिद्वार के लिए प्रस्थान करेंगे। आगामी 6 मार्च को हरिद्वार की पवित्र ‘हर की पैडी’ पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अस्थियों का विसर्जन किया जाएगा। इसके बाद मंडल द्वारा वहां निर्धनों को भोजन कराया जाएगा और यथाशक्ति दक्षिणा भेंट कर इस धार्मिक अनुष्ठान की पूर्णाहुति की जाएगी।
पर्यावरण और जीव दया में भी अग्रणी
विजिया मित्र मंडल केवल मानव सेवा तक सीमित नहीं है। गोमाबाई रोड स्थित ‘गंगा वाटिका’ में मंडल द्वारा पिछले कई वर्षों से मूक पक्षियों के लिए दाना-पानी और चुगे की निरंतर व्यवस्था की जा रही है। समाज के प्रति उनकी यह बहुआयामी दृष्टि अन्य संस्थाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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