MSP Panjiyan :मल्हारगढ़ में कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन, MSP पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग

MSP Panjiyan

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मल्हारगढ़ न्यूज। मध्य प्रदेश में रबी सीजन की प्रमुख फसलों (गेहूं, सरसों, चना, मसूर) के लिए समर्थन मूल्य खरीदी यानी एमएसपी पंजीयन (msp panjiyan) की प्रक्रिया जारी है। लेकिन पोर्टल की लेटलतीफी और तकनीकी खामियों ने अन्नदाताओं की रातों की नींद उड़ा दी है।

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7 फरवरी से शुरू हुई इस प्रक्रिया की अंतिम तिथि 7 मार्च निर्धारित की गई है, लेकिन पोर्टल के लगातार डाउन रहने से हजारों किसान अभी भी अपने हक़ से वंचित हैं। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर आज मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने महामहिम राज्यपाल के नाम मल्हारगढ़ अनुविभागीय अधिकारी (SDM) स्वाति तिवारी को एक कड़ा ज्ञापन सौंपा।

कांग्रेस ने दो टूक शब्दों में मांग की है कि किसानों की परेशानी को देखते हुए एमएसपी पंजीयन (msp panjiyan) की अंतिम तिथि को 7 मार्च से बढ़ाकर 17 मार्च किया जाए।

पोर्टल की हकीकत: 28 दिन में 10 दिन भी नहीं चला सर्वर

दरअसल, प्रदेशभर की तरह मल्हारगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसान अपनी उपज बेचने के लिए सरकारी सिस्टम से जूझ रहे हैं। ज्ञापन का वाचन करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजीत कुमठ ने जमीनी हकीकत बयां की। उन्होंने बताया कि पंजीयन पोर्टल पर सर्वर की स्थिति इतनी बदतर है कि किसान खेतों का सारा कामकाज छोड़कर सिर्फ पंजीयन केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजेश मालेचा ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एमएसपी पंजीयन (msp panjiyan) प्रक्रिया शुरू हुए आज 28 दिन बीत चुके हैं, लेकिन विडंबना देखिए कि 10 दिन भी पोर्टल ने ठीक से काम नहीं किया है। केंद्रों पर हमेशा ‘सर्वर डाउन’ का बोर्ड टंगा रहता है और किसानों का पूरा समय सिर्फ इंतजार में ही बर्बाद हो रहा है।

क्या किसानों को वंचित रखने की है सरकारी साजिश?

कांग्रेस नेताओं ने इस पूरे मामले में सरकार की मंशा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ब्लॉक अध्यक्ष मालेचा ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि जब से केंद्र सरकार की अमेरिका के साथ ट्रेड डील हुई है, लगातार किसान भाइयों की उपज के भाव धड़ाम से गिर रहे हैं।

इसका सीधा असर गेहूं के दामों पर देखने को मिल रहा है। वर्तमान में कृषि उपज मंडियों में किसानों का सोना (गेहूं) महज 1800 से 1900 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बिकने लगा है। मंदसौर जिले के किसानों की आजीविका मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है।

ऐसे में मालेचा ने आशंका जताई कि कहीं सरकार पोर्टल पर सर्वर डाउन का बहाना बनाकर किसानों को एमएसपी पंजीयन (msp panjiyan) से जानबूझकर वंचित तो नहीं रखना चाहती? अगर किसान समर्थन मूल्य पर उपज नहीं बेच पाएगा, तो औने-पौने दामों में व्यापारियों को माल बेचने के लिए मजबूर हो जाएगा।

गलत अनावरी और घटता रकबा बन रहा रोड़ा

इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामचंद्र करुण ने क्षेत्र के कृषि भौगोलिक हालात पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मल्हारगढ़ क्षेत्र में गेहूं की फसल का अत्यधिक रकबा है। इतनी बड़ी तादाद में बंपर पैदावार के बावजूद अभी तक आधे से ज्यादा किसानों का एमएसपी पंजीयन (msp panjiyan)नहीं हो पाया है।

ऐसे में समय अवधि को बढ़ाना नितांत आवश्यक है। वहीं, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष लियाकत भाई मेव ने स्पष्ट किया कि रबी सीजन की फसलों को सरकार हर हाल में समर्थन मूल्य पर खरीदे, अन्यथा बढ़ती महंगाई में किसानों की खेती की लागत भी नहीं निकल पाएगी।

किसान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष बलवंत पाटीदार ने SDM स्वाति तिवारी को एक और बड़ी तकनीकी खामी से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कई गांवों में राजस्व विभाग द्वारा किसानों के खेतों की गलत अनावरी दर्ज कर दी गई है।

इसके कारण पोर्टल पर रकबा शून्य या गलत दिखा रहा है और किसानों को एमएसपी पंजीयन (msp panjiyan) करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों का त्वरित निराकरण कराया जाए ताकि कोई भी किसान सरकारी लाभ से न छूटे।

भाव न मिलने से संकट में घिरे अन्नदाता

किसान नेता दिनेश पाटीदार ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि चाहे रबी की फसल हो या खरीफ की, किसानों को उनकी मेहनत का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है। लागत लगातार बढ़ रही है और उपज के भाव गिर रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था संकट में आ गई है।

बहरहाल, 7 मार्च की डेडलाइन सिर पर है। अगर पोर्टल की खामियां दूर कर जल्द ही एमएसपी पंजीयन (msp panjiyan) की तारीख नहीं बढ़ाई गई, तो किसान सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।

ज्ञापन सौंपने के दौरान इनकी रही प्रमुख उपस्थिति

किसानों की इस अहम मांग को लेकर सौंपे गए ज्ञापन के दौरान कांग्रेस के कई दिग्गज और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से पूर्व जिला पंचायत सदस्य पुष्पा डांगी, पिपलिया विशनियां के किसान नेता मोतीलाल पाटीदार, नगर कांग्रेस अध्यक्ष कोहिनूर मेव, राम प्रसाद फरक्या, पप्पू गुर्जर,

पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष युसूफ भाई मेव, पार्षद जितेंद्र पाटीदार, अल्पसंख्यक कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष हाजी मस्जिद पठान, यूथ कांग्रेस जिला महासचिव अंकित कांसल, नेमीचंद ढाका, सांची दूध समिति मल्हारगढ़ अध्यक्ष बबलू भाई मेव, उपसरपंच रमेश पाटीदार, यूथ कांग्रेस विधानसभा उपाध्यक्ष महेश सोनावत, ब्लॉक उपाध्यक्ष अमानत पठान, नगर कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल भारती और मोहनलाल मालवीय बरखेड़ा देव सहित रियाजुद्दीन मेव प्रमुख रूप से उपस्थित थे।


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