Priyanshi Prajapati: उज्जैन की बेटी प्रियांशी प्रजापति ने वर्ल्ड रैंकिंग कुश्ती में जीता सिल्वर

Priyanshi Prajapati
उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन की युवा पहलवान प्रियांशी प्रजापति (Priyanshi Prajapati) ने अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। अर्मेनिया में आयोजित वर्ल्ड रैंकिंग कुश्ती चैम्पियनशिप में प्रियांशी प्रजापति (Priyanshi Prajapati) ने रजत पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि छोटे शहरों की प्रतिभा भी विश्व मंच पर बड़ा मुकाम हासिल कर सकती है।
24 से 28 फरवरी के बीच Armenia में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनिया भर के शीर्ष पहलवानों ने भाग लिया। भारत की ओर से 50 किलोग्राम वर्ग में उतरी प्रियांशी प्रजापति (Priyanshi Prajapati) ने अपने शानदार खेल से सभी को प्रभावित किया। कड़े मुकाबलों के बाद उन्होंने फाइनल तक का सफर तय किया और अंत में सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
मध्य प्रदेश से अकेली खिलाड़ी बनीं प्रतिनिधि
इस प्रतियोगिता में प्रियांशी प्रजापति (Priyanshi Prajapati) मध्य प्रदेश से चयनित होने वाली एकमात्र खिलाड़ी थीं। उनके पिता मुकेश प्रजापति के अनुसार, इस वर्ल्ड रैंकिंग चैम्पियनशिप में जगह बनाना ही बड़ी उपलब्धि थी। लेकिन प्रियांशी प्रजापति (Priyanshi Prajapati) ने अपने प्रदर्शन से उम्मीदों से कहीं अधिक हासिल किया।
प्रतियोगिता के दौरान प्रियांशी प्रजापति (Priyanshi Prajapati) ने दुनिया की टॉप रैंकिंग में शामिल तीन मजबूत पहलवानों को हराकर फाइनल तक पहुंचने का कारनामा किया। इस शानदार प्रदर्शन के बाद अंतरराष्ट्रीय कुश्ती रैंकिंग में भी प्रियांशी प्रजापति (Priyanshi Prajapati) को बड़ी बढ़त मिली है और अब वे ए-क्लास रैंकिंग में दुनिया के टॉप खिलाड़ियों में दूसरे स्थान तक पहुंच गई हैं।
प्रधानमंत्री से मुलाकात का अवसर
भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन से देशभर में उत्साह का माहौल है। इसी क्रम में Narendra Modi ने भारतीय कुश्ती टीम को मिलने के लिए आमंत्रित किया है। इस टीम में प्रियांशी प्रजापति (Priyanshi Prajapati) भी शामिल रहेंगी।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री से मिलने का अवसर खिलाड़ियों के लिए बड़ा सम्मान होता है और इससे युवा खिलाड़ियों का मनोबल भी बढ़ता है। प्रियांशी प्रजापति (Priyanshi Prajapati) के लिए भी यह पल उनके करियर का यादगार अनुभव होगा।
अब एशियन चैम्पियनशिप की तैयारी
वर्ल्ड रैंकिंग प्रतियोगिता में सफलता के बाद प्रियांशी प्रजापति (Priyanshi Prajapati) अब आगामी एशियन कुश्ती चैम्पियनशिप के ट्रायल की तैयारी में जुट गई हैं। इस प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी स्थिति और मजबूत हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि प्रियांशी प्रजापति (Priyanshi Prajapati) इसी तरह प्रदर्शन करती रहीं तो उनके लिए Olympic Games 2028 तक पहुंचने का रास्ता भी आसान हो सकता है। वर्ल्ड रैंकिंग में बेहतर स्थान मिलने से ओलंपिक क्वालिफिकेशन में भी फायदा मिलता है।
संघर्षों से भरा सफर
आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली प्रियांशी प्रजापति (Priyanshi Prajapati) का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। वे उज्जैन के लालबाई फूलबाई क्षेत्र में एक छोटे से घर में पली-बढ़ी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उनके परिवार ने हमेशा उन्हें खेल के लिए प्रेरित किया।
पिता मुकेश प्रजापति बताते हैं कि आर्थिक परिस्थितियां आसान नहीं थीं, लेकिन प्रियांशी प्रजापति (Priyanshi Prajapati) ने कभी अपनी मेहनत कम नहीं होने दी। रोजाना कड़ी ट्रेनिंग और लगातार अभ्यास के कारण ही आज वे दुनिया के मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
सरकार से सहायता की मांग
प्रियांशी प्रजापति (Priyanshi Prajapati) की इस उपलब्धि के बाद उनके पिता ने मध्य प्रदेश सरकार से बेटी के लिए प्रोत्साहन राशि देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकार से आर्थिक सहायता मिले तो बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाओं के साथ प्रियांशी प्रजापति (Priyanshi Prajapati) भविष्य में देश के लिए और बड़े पदक जीत सकती हैं।
खेल विशेषज्ञ भी मानते हैं किप्रियांशी प्रजापति (Priyanshi Prajapati) जैसी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलना बेहद जरूरी है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करती रहें।
युवाओं के लिए प्रेरणा
उज्जैन की इस बेटी ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत और लगन के बल पर किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है। प्रियांशी प्रजापति (Priyanshi Prajapati) की सफलता आज उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो छोटे शहरों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं।
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