Car Accident: ‘मध्य प्रदेश शासन’ लिखी गाड़ी ने बुजुर्ग महिला को रौंदा, हालत गंभीर

मंदसौर । मंदसौर शहर की बेकाबू रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी ने एक बार फिर एक मासूम नागरिक को अपना शिकार बनाया है। शुक्रवार रात शहर के व्यस्त और प्रमुख हृदय स्थल, भारत माता चौराहे पर एक रोंगटे खड़े कर देने वाला कार एक्सीडेंट (Car Accident) सामने आया।
यहां ‘मध्य प्रदेश शासन’ (MP Govt) लिखी एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित टाटा हैरियर कार ने सड़क पार कर रही एक बुजुर्ग महिला को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे ने एक बार फिर सरकारी रसूख और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ने की पोल खोलकर रख दी है। घटना के बाद से ही शहरवासियों में वीआईपी कल्चर और बेलगाम रफ्तार को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
हादसे का दिल दहला देने वाला मंजर

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह भयानक कार एक्सीडेंट (Car Accident) उस वक्त हुआ जब बुजुर्ग महिला सोहनबाई अपने छोटे पोते के साथ भारत माता चौराहे से गुजर रही थीं। तभी एक अनियंत्रित टाटा हैरियर कार (जिसका नंबर MP 13 ZN 1829 बताया जा रहा है) बेहद तेज गति से आई।
चालक लापरवाही पूर्वक ड्राइविंग कर रहा था और उसने सीधे बुजुर्ग महिला को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि महिला दूर जा गिरी और उनके पैर में गंभीर फ्रैक्चर हो गया। खून से लथपथ हालत में उन्हें तुरंत जिला चिकित्सालय मंदसौर में भर्ती करवाया गया है।
डॉक्टरों के अनुसार महिला के पैर में काफी गहरी चोटें आई हैं और कई टांके भी लगाने पड़े हैं। गनीमत यह रही कि उनके साथ मौजूद पोते को इस कार एक्सीडेंट (Car Accident) में कोई गंभीर चोट नहीं आई, वरना परिणाम और भी घातक हो सकते थे।
‘मध्य प्रदेश शासन’ की आड़ में रसूख का खेल?
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि जिस वाहन ने महिला को टक्कर मारी, उस पर स्पष्ट रूप से ‘मध्य प्रदेश शासन’ लिखा हुआ था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह टाटा हैरियर कार किसी सरकारी विभाग में अटैच बताई जा रही है।
दुर्घटना के समय कार को हर्ष नाम का एक युवक चला रहा था। चश्मदीदों और खुद घायल महिला के अनुसार, हादसे के बाद कार सवार युवक महिला को उसी गाड़ी में डालकर जिला अस्पताल तो ले गए, लेकिन वहां उन्होंने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई।
वे अस्पताल में महिला को सिर्फ भर्ती करवाने और महज एक नारियल पानी पिलाने के बाद अपनी गाड़ी लेकर वहां से रफूचक्कर हो गए। सरकारी नंबर प्लेट लगी गाड़ी से हुई इस गैर जिम्मेदाराना हरकत ने प्रशासन के रवैये और इस कार एक्सीडेंट (Car Accident) के बाद आरोपियों की संवेदनहीनता पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बुजुर्ग महिला की बेबसी: घर में कोई देखभाल करने वाला नहीं

इस भीषण कार एक्सीडेंट (Car Accident) का असहनीय दर्द झेल रही सोहनबाई की पारिवारिक स्थिति भी बेहद संवेदनशील है। अस्पताल के बिस्तर पर दर्द से कराहती सोहनबाई ने भरे गले से बताया कि उनका इकलौता बेटा काम के सिलसिले में फिलहाल भोपाल गया हुआ है।
घर में उनकी बहू का पहले ही दुखद निधन हो चुका है। ऐसे में इस वक्त वह बिल्कुल अकेली हैं और घर पर कोई भी जिम्मेदार सदस्य उनकी देखभाल के लिए मौजूद नहीं है। एक तरफ शरीर का भयंकर दर्द और दूसरी तरफ अपनों की गैरमौजूदगी ने इस बुजुर्ग महिला को पूरी तरह तोड़ कर रख दिया है।
पुलिस की भूमिका और एफआईआर (FIR) का इंतजार
इस गंभीर कार एक्सीडेंट (Car Accident) के बाद घायल महिला ने अपनी सूझबूझ दिखाते हुए अस्पताल से ही मदद के लिए डायल-112 पर फोन कर पुलिस को घटना की पूरी जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके और अस्पताल पहुंचकर मामले का संज्ञान तो लिया है, लेकिन खबर लिखे जाने तक इस रसूखदार गाड़ी वाले के खिलाफ कोई आधिकारिक केस या एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
शहर के आम लोगों में इस बात को लेकर भारी गुस्सा पनप रहा है कि क्या ‘मध्य प्रदेश शासन’ का बोर्ड लगाकर चलने वालों को नियमों को ताक पर रखने की छूट मिल गई है? स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मांग है कि प्रशासन को इस मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपी चालक और वाहन मालिक के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रशासन का अंतिम कदम क्या होगा?
अब सभी की निगाहें मंदसौर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना यह दिलचस्प होगा कि मंदसौर पुलिस इस कार एक्सीडेंट (Car Accident) मामले में कितनी तत्परता दिखाती है। क्या एक बेबस और अकेली बुजुर्ग महिला को न्याय मिल पाएगा या फिर सरकारी रसूख के आगे हमेशा की तरह जांच की फाइलें दबकर रह जाएंगी?
इस मामले में पुलिस प्रशासन का अंतिम फैसला ही यह तय करेगा कि कानून आम आदमी और खास आदमी के लिए एक समान है या नहीं। यह सवाल हर उस नागरिक के मन में है जो रोज इन्हीं सड़कों पर सफर करता है।
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