नीमच । नीमच जिले के थाना नीमच सिटी क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब जैतपुरा बालाजी मंदिर के पास एक रेस्टोरेंट में 3 वर्षीय मासूम अकेली रोती हुई मिली। शुरुआती जानकारी में पता चला कि बच्ची परिजन से बिछड़ी हुई है और अपने परिवार के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं बता पा रही थी। रेस्टोरेंट कर्मचारियों ने तुरंत पुलिस सहायता के लिए डायल-112 को सूचना दी।
कंट्रोल रूम से तुरंत सक्रिय हुई डायल-112 टीम
राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम भोपाल को सुबह करीब 8:29 बजे सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही नीमच सिटी थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मौके पर भेजा गया। पुलिस टीम में शामिल सउनि अशोक मोड और पायलट तरुण राठौर ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लिया।
छोटी उम्र होने के कारण बच्ची अपने माता-पिता या घर के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पा रही थी। ऐसे में पुलिस ने आसपास पूछताछ शुरू की और रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद ली।
CCTV फुटेज से सामने आया पूरा घटनाक्रम
सीसीटीवी फुटेज देखने पर पता चला कि बच्ची अपने माता-पिता के साथ यात्रा कर रही थी। परिवार रास्ते में नाश्ता करने के लिए रेस्टोरेंट पर रुका था। इसी दौरान बच्ची पीछे रह गई और परिजन जल्दबाजी में आगे निकल गए। कुछ देर बाद जब परिवार को बच्ची के गायब होने का अहसास हुआ तो वे घबराकर वापस रेस्टोरेंट पहुंचे।
इस दौरान बच्ची परिजन से बिछड़ी होने की सूचना पर पुलिस लगातार सक्रिय रही और बच्ची को सुरक्षित संभाले रखा।
सत्यापन के बाद परिवार को सौंपा बच्ची
रेस्टोरेंट लौटे परिजनों ने बच्ची की पहचान की, जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर मासूम को उनके सुपुर्द कर दिया। बच्ची को सकुशल देखकर परिवार ने राहत की सांस ली और डायल-112 जवानों का आभार व्यक्त किया।
पुलिस ने परिजनों को यात्रा के दौरान छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखने की हिदायत भी दी। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि समय पर मिली पुलिस सहायता बड़ी अनहोनी को टाल सकती है।
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