भाटखेड़ी बुजुर्ग (दिलीप बोराना)। मनासा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भाटखेड़ी बुजुर्ग ने स्वच्छता और ग्रामीण विकास की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी आसपास के गांवों में चर्चा हो रही है। गांव में पानी की टंकी और नाले के पास वर्षों से खाली पड़ी जगह को ग्रामीणों ने कचरा अड्डा बना दिया था। यहां दिनभर गंदगी, बदबू, मच्छरों और मक्खियों से लोग परेशान रहते थे। बारिश के समय कचरा नाले में बहकर घरों तक पहुंच जाता था।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ग्राम पंचायत ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए पूरे क्षेत्र को नया रूप देने की योजना बनाई। सरपंच मनोज पुरोहित और सचिव गोपाल मेहता की पहल पर सफाई मित्रों और जेसीबी मशीन की मदद से कचरे का ढेर हटाया गया। इसके बाद पूरे क्षेत्र की साफ-सफाई कर वहां पेवर ब्लॉक लगाए गए, लोहे की रेलिंग लगाई गई और लोगों के बैठने के लिए सीमेंट की कुर्सियां स्थापित की गईं।
ग्राम पंचायत ने इस स्थान को धार्मिक और आकर्षक स्वरूप देने के लिए कुईया को ढंककर उसके ऊपर महादेव की मूर्ति स्थापित करवाई। वहीं पीछे की दीवार पर कैलाश पर्वत की सुंदर पेंटिंग बनाई गई। रेलिंग को तिरंगे रंग से सजाया गया, जिससे यह स्थान अब गांव का आकर्षण केंद्र बन गया है। पंचायत ने इस स्थल का नाम “पिपलेश्वर महादेव” रखा है।
सरपंच मनोज पुरोहित के अनुसार पंचायत को जीवीपी मुक्त बनाने के लिए गांव में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था भी शुरू की गई है। पंचायत का मिनी ट्रैक्टर रोज घर-घर जाकर सूखा और गीला कचरा एकत्र करता है।
ग्रामीणों का कहना है कि जहां पहले लोग जाने से बचते थे, वहीं अब सुबह-शाम बच्चे, युवा और बुजुर्ग समय बिताने पहुंच रहे हैं। भाटखेड़ी बुजुर्ग का यह बदलाव अब दूसरी पंचायतों के लिए भी प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है।
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