नीमच। मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में उस समय एक मार्मिक मामला सामने आया, जब मनासा तहसील के ग्राम आंत्रीबुर्जुग निवासी बुजुर्ग पिता रोडुलाल कीर अपनी शिकायत लेकर कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के समक्ष पहुंचे। उन्होंने आवेदन देकर आरोप लगाया कि उनका पुत्र पिछले 10 से 12 महीनों से निर्धारित भरण-पोषण राशि नहीं दे रहा है। इतना ही नहीं, उन्होंने पुत्र पर प्रताड़ित करने, मकान को नुकसान पहुंचाने और उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने के भी आरोप लगाए।
आवेदन के अनुसार, रोडुलाल कीर ने बताया कि वे और उनकी पत्नी वृद्धावस्था में जीवन यापन कर रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव में उन्हें आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि जिन परिस्थितियों में उन्हें अपने पुत्र का सहारा मिलना चाहिए था, वहीं अब उन्हें अपनी समस्या लेकर प्रशासन की शरण में आना पड़ रहा है।
एसडीएम के आदेश के बावजूद नहीं मिली राशि
आवेदन में बुजुर्ग पिता ने बताया कि पूर्व में अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) द्वारा उनके पक्ष में प्रतिमाह 2 हजार रुपये भरण-पोषण राशि निर्धारित की गई थी। उनका आरोप है कि इस आदेश के बावजूद पिछले 10 से 12 महीनों से उन्हें एक भी किस्त का भुगतान नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि नियमित रूप से राशि नहीं मिलने के कारण वृद्ध दंपती आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। दवाइयों, इलाज और दैनिक आवश्यकताओं का खर्च उठाना भी कठिन होता जा रहा है। आवेदन में उन्होंने प्रशासन से बकाया राशि दिलाने की मांग की है।
मकान की दीवार गिराने का भी लगाया आरोप
रोडुलाल कीर ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया कि उनके पुत्र ने मकान की एक दीवार गिरा दी। उनके अनुसार, दीवार क्षतिग्रस्त होने के बाद बारिश का पानी सीधे घर के अंदर भरने लगा, जिससे घरेलू सामान भी खराब हो गया।
आवेदन में कहा गया है कि बरसात के मौसम में रहने की स्थिति और अधिक कठिन हो गई है। उनका कहना है कि पहले से आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे परिवार पर इससे अतिरिक्त बोझ पड़ गया।
पुलिस पर भी लगाए कार्रवाई नहीं करने के आरोप
बुजुर्ग पिता ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस से भी की थी। हालांकि उनका आरोप है कि शिकायत के बाद भी उन्हें अपेक्षित कार्रवाई नहीं मिली। इसी वजह से उन्होंने मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचकर अपनी समस्या सीधे जिला प्रशासन के सामने रखी।
उन्होंने कलेक्टर से अनुरोध किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और संबंधित आदेशों का पालन सुनिश्चित कराया जाए ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
कलेक्टर से की ये प्रमुख मांगें
आवेदन में रोडुलाल कीर ने प्रशासन से निम्न मांगें रखीं—
- पिछले 10 से 12 माह की बकाया भरण-पोषण राशि दिलाई जाए।
- एसडीएम के आदेश का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
- लगाए गए आरोपों की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
- वृद्ध दंपती को आवश्यक प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।






