डिंडौरी। मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिला अस्पताल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक मरीज को कथित तौर पर सलाइन की जगह मिनरल वाटर की बोतल से ड्रिप लगाए जाने का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मामला सामने आते ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने इसकी रिपोर्ट कलेक्टर को भेज दी है और प्रशासनिक जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार 18 वर्षीय सत्यम यादव ने बुधवार को चूहामार दवा का सेवन कर लिया था। तबीयत बिगड़ने पर उसे दोपहर करीब दो बजे डिंडौरी जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार शुरू किया गया।
नर्स ने जताई आपत्ति, फिर भी लगा दी गई ड्रिप
मामले में आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. भरत साहू ने स्टाफ नर्स भावना चौधरी से मरीज को मिनरल वाटर की बोतल से ड्रिप लगाने के लिए कहा। नर्स ने इस पर आपत्ति जताई और ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद डॉक्टर ने स्वयं स्थानीय ब्रांड की मिनरल वाटर की बोतल को ड्रिप के रूप में मरीज से जोड़ दिया।
इसी दौरान वार्ड में मौजूद कुछ लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी जानकारी ली।
CMHO ने कहा- गंभीर गलती, कलेक्टर को भेजी रिपोर्ट

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पांडेय ने बताया कि डॉ. भरत साहू की पोस्टिंग 15 जून को ही डिंडौरी जिला अस्पताल में हुई थी। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर डॉक्टर की कार्रवाई को गंभीर लापरवाही माना गया है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया को भेज दी गई है। प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के संबंध में डॉ. भरत साहू का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला। इस कारण उनका आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आ सका है।
अस्पताल छोड़कर चला गया मरीज
कोतवाली थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद नगपुरे ने बताया कि मामले की जांच के लिए एसडीएम राम बाबू देवांगन गुरुवार को अस्पताल पहुंचे। हालांकि, जिस मरीज का इलाज किया जा रहा था, वह बुधवार शाम करीब छह बजे बिना किसी को बताए अस्पताल से चला गया। पुलिस के अनुसार मरीज को बुलाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह अस्पताल नहीं लौटा। अधिकारियों का कहना है कि मरीज का बयान दर्ज होने के बाद ही मामले के सभी पहलुओं पर स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा।
नेता प्रतिपक्ष ने भी उठाए सवाल
घटना के सामने आने के बाद मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
फिलहाल डिंडौरी जिला अस्पताल में सामने आए इस मामले की जांच जारी है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस दोनों स्तर पर तथ्य जुटाए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।






