नीमच। जिले के ग्राम अठाना निवासी दिव्यांग किसान रज्जब अली की गुहार कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की जनसुनवाई तक पहुंची है। किसान ने आवेदन देकर आरोप लगाया है कि उसके खेत तक जाने वाले रास्ते को गांव के कुछ लोगों ने खंभे और तार लगाकर अवरुद्ध कर दिया है। किसान का कहना है कि रास्ता बंद होने से खेत तक पहुंचने में परेशानी हो रही है और खेती-किसानी के काम प्रभावित हो रहे हैं। उसने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कर रास्ता खुलवाने और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
जनसुनवाई में दिए आवेदन के मुताबिक, रज्जब अली ने अपनी शारीरिक स्थिति का उल्लेख करते हुए बताया कि वह पैर से दिव्यांग है। ऐसे में खेत तक पहुंचना उसके लिए पहले से ही चुनौतीपूर्ण है। अब रास्ता कथित रूप से अवरुद्ध होने के कारण उसकी परेशानी और बढ़ गई है।
खेत के सामने खंभे और तार लगाने का आरोप
दिव्यांग किसान की गुहार में मुख्य शिकायत खेत तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर है। रज्जब अली ने जनसुनवाई में प्रस्तुत आवेदन में गांव के अख्तर हुसैन, फईमन बानु और बेगम निशा का नाम लेते हुए आरोप लगाया है कि उनके खेत के सामने खंभे और तार लगाकर आवागमन रोक दिया गया है। किसान का दावा है कि इस अवरोध के कारण वह खेत तक आसानी से नहीं पहुंच पा रहा है। खेती से जुड़े नियमित कार्यों के लिए खेत तक पहुंच जरूरी होने के कारण उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पैर से दिव्यांग, रास्ता बंद होने से बढ़ी परेशानी
रज्जब अली ने आवेदन में बताया है कि वह पैर से दिव्यांग है। किसान के मुताबिक, उसकी शारीरिक स्थिति के कारण खेत तक पहुंचना सामान्य परिस्थितियों में भी आसान नहीं है। ऐसे में रास्ते पर खंभे और तार लगाए जाने से समस्या और गंभीर हो गई है। उसका कहना है कि खेत तक आवागमन बाधित होने के कारण खेती-किसानी से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं। किसान ने इस स्थिति के चलते आर्थिक नुकसान होने की आशंका भी जताई है।
इसी परेशानी को लेकर दिव्यांग किसान की गुहार कलेक्टर की जनसुनवाई तक पहुंची। रज्जब अली ने प्रशासन से ऐसी कार्रवाई की मांग की है, जिससे उसे खेत तक पहुंचने का रास्ता मिल सके और कृषि कार्य प्रभावित न हों।
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा से क्या मांग की?
जनसुनवाई में दिए आवेदन में किसान ने कलेक्टर हिमांशु चंद्रा से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। रज्जब अली चाहता है कि उसकी शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाए और खेत तक जाने वाले रास्ते की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाए।
किसान की प्रमुख मांगें हैं—
- मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- खेत तक पहुंचने का रास्ता खुलवाया जाए।
- शिकायत सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
- खेती-किसानी के लिए खेत तक आवागमन की समस्या का समाधान किया जाए।
रज्जब अली को उम्मीद है कि जनसुनवाई में आवेदन देने के बाद प्रशासन उसकी शिकायत पर कार्रवाई करेगा और उसे राहत मिलेगी।
खेती के काम प्रभावित होने का दावा
किसान ने अपनी शिकायत में केवल आवागमन की परेशानी ही नहीं, बल्कि कृषि कार्य प्रभावित होने की बात भी कही है। उसके मुताबिक, खेत तक रास्ता अवरुद्ध होने के कारण खेती-किसानी के काम करने में कठिनाई आ रही है। रज्जब अली ने आवेदन में आर्थिक नुकसान की आशंका भी जताई है।
अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार
दिव्यांग किसान की गुहार सामने आने के बाद रज्जब अली को अब प्रशासनिक हस्तक्षेप का इंतजार है। किसान ने अपनी समस्या सीधे जनसुनवाई में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के समक्ष रखकर रास्ता खुलवाने की मांग की है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। किसान फिलहाल अपनी शिकायत के समाधान और खेत तक पहुंच का रास्ता मिलने की उम्मीद लगाए हुए है।
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