नीमच में रात होते ही बार-बार गुल हो रही बिजली, परेशान ग्रामीण पहुंचे प्रशासन के पास; ज्ञापन में बताई परेशानी
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
28 जुलाई 2026, (अपडेटेड 28 जुलाई 2026, 1:37 अपराह्न IST)

नीमच। जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही रात्रिकालीन बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्या के तत्काल समाधान की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग द्वारा लोड मैनेजमेंट के नाम पर रात के समय बार-बार विद्युत आपूर्ति बाधित की जा रही है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई, बुजुर्गों की दिनचर्या और आम लोगों का जीवन प्रभावित होने की बात ग्रामीणों ने ज्ञापन में कही है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और रात में बार-बार होने वाली बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए। वर्षा ऋतु के दौरान अंधेरे में सांप-बिच्छू जैसे विषैले जीव-जंतुओं का खतरा बढ़ने की बात कहते हुए ग्रामीणों ने रात्रिकालीन विद्युत व्यवस्था को लेकर चिंता भी जताई है।

रात्रिकालीन बिजली कटौती को लेकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति को लेकर परेशान लोगों ने अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाने के लिए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में रात्रिकालीन बिजली कटौती को प्रमुख समस्या बताते हुए नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग रखी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय बार-बार बिजली बंद होने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लोड मैनेजमेंट के नाम पर विद्युत आपूर्ति बाधित की जा रही है।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अधिकांश परिवार सीमित मात्रा में बिजली का उपयोग करते हैं। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार कटौती किए जाने को लेकर उन्होंने सवाल उठाए हैं। हालांकि, लोड मैनेजमेंट और बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर बिजली विभाग का पक्ष उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है।

बारिश के मौसम में अंधेरा बना चिंता की वजह

ग्रामीणों ने ज्ञापन में वर्षा ऋतु के दौरान रात्रिकालीन बिजली कटौती से पैदा होने वाली परेशानियों का विशेष रूप से उल्लेख किया है। उनका कहना है कि बारिश के दिनों में रात के समय बिजली बंद होने से घरों और आसपास अंधेरा छा जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, वर्षा ऋतु में सांप-बिच्छू जैसे विषैले जीव-जंतुओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अचानक बिजली गुल होने से किसी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसी कारण ग्रामीण रात के समय नियमित विद्युत आपूर्ति की मांग कर रहे हैं।

उनका कहना है कि समस्या केवल बिजली बंद होने तक सीमित नहीं है। बारिश के दौरान रात में अंधेरा होने से लोगों को घरों और आसपास आवाजाही में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा असर

ज्ञापन में ग्रामीणों ने विद्यार्थियों की पढ़ाई का मुद्दा भी उठाया है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय बार-बार बिजली बाधित होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।लगातार रात्रिकालीन बिजली कटौती के चलते विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान व्यवधान का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही बुजुर्गों की दिनचर्या प्रभावित होने की बात भी ग्रामीणों ने कही है। ग्रामीणों के मुताबिक, नियमित बिजली आपूर्ति न होने से आमजन का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है। इसी को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से समस्या का समाधान कराने की मांग की है।

लोड मैनेजमेंट के नाम पर कटौती का आरोप

ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग द्वारा लोड मैनेजमेंट के नाम पर रात में बार-बार विद्युत आपूर्ति बंद की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश परिवार सीमित मात्रा में ही बिजली का इस्तेमाल करते हैं, इसके बावजूद उन्हें कटौती का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बिजली आपूर्ति से जुड़ी उनकी समस्या पर ध्यान देते हुए रात में होने वाली कटौती को रोका जाए।

ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने रखी ये मांग

कलेक्टर के नाम सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने मुख्य रूप से नियमित एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति की मांग रखी है। ग्रामीण चाहते हैं कि रात के समय बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए, जिससे लोगों को परेशानी से राहत मिल सके।

ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
  • रात के समय बार-बार होने वाली बिजली कटौती रोकी जाए।
  • लोड मैनेजमेंट के नाम पर विद्युत आपूर्ति बाधित होने की समस्या का समाधान किया जाए।
  • वर्षा ऋतु के दौरान रात्रिकालीन बिजली व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि रात्रिकालीन बिजली कटौती से विद्यार्थियों से लेकर बुजुर्गों तक को परेशानी हो रही है। बारिश के मौसम में रात के अंधेरे को लेकर भी उन्होंने प्रशासन के सामने अपनी चिंता रखी है।

अब प्रशासन से राहत मिलने की उम्मीद

कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपने के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाएगा। उनकी मांग है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति को नियमित किया जाए और रात के समय होने वाली बार-बार की कटौती पर रोक लगाई जाए।

ग्रामीणों की मांग अब प्रशासन के सामने है। उनका कहना है कि नियमित एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होने से विद्यार्थियों, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों को राहत मिलेगी। विशेष रूप से वर्षा ऋतु में रात के समय बिजली उपलब्ध रहने से अंधेरे के कारण होने वाली परेशानियों को कम किया जा सकेगा।


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Aakash Sharma
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आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

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