नीमच। मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक वृद्धा की शिकायत ने मौजूद अधिकारियों और लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। करीब 95 वर्षीय पांची बाई शर्मा वॉकर के सहारे कार्यालय पहुंचीं, जहां से कर्मचारियों ने उन्हें व्हीलचेयर के माध्यम से जनसुनवाई कक्ष तक पहुंचाया। वहां उन्होंने प्रशासन को आवेदन सौंपकर अपने ही पुत्र पर विश्वासघात, मारपीट और संपत्ति से जुड़े गहने, नकदी व महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने पास रखने के गंभीर आरोप लगाए।
वृद्धा ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, सुरक्षा उपलब्ध कराने और उनकी संपत्ति वापस दिलाने की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक मामले में संबंधित पक्ष का बयान सामने नहीं आया था।
विश्वास के आधार पर सौंपी थी संपत्ति
आवेदन के अनुसार पांची बाई शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र पर भरोसा करते हुए अपने सोना-चांदी के आभूषण, कृषि भूमि के मूल दस्तावेज और लगभग 10 लाख रुपये नकद सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उसे दिए थे। उनका आरोप है कि जब उन्होंने अपनी जमा पूंजी और दस्तावेज वापस मांगे तो पुत्र ने उन्हें लौटाने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें घर से बाहर निकाल दिया गया और विरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार तथा मारपीट की गई।
यह सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा जनसुनवाई में दिए गए आवेदन में लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
शिकायत करने पर डराने का भी लगाया आरोप
वृद्धा की शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब उन्होंने प्रशासन से शिकायत करने की बात कही तो पुत्र ने कथित रूप से अपने प्रभाव का हवाला देकर उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया। वृद्धा का कहना है कि इस कारण वे स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका न रहे।
व्हीलचेयर पर पहुंचकर सुनाई आपबीती
95 वर्ष की आयु और कमजोर स्वास्थ्य के बावजूद पांची बाई शर्मा स्वयं जनसुनवाई में पहुंचीं। कार्यालय परिसर तक वॉकर के सहारे आने के बाद उन्हें व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई, जिसके माध्यम से वे जनसुनवाई कक्ष तक पहुंचीं।
उन्होंने अधिकारियों को लिखित आवेदन सौंपते हुए अनुरोध किया कि उनके मामले की गंभीरता से जांच कराई जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए। जनसुनवाई में मौजूद लोगों ने भी वृद्धा की स्थिति को गंभीरता से देखा।
प्रशासन से की ये प्रमुख मांगें
अपने आवेदन में वृद्धा ने प्रशासन से कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं—
- सोना-चांदी के आभूषण वापस दिलाए जाएं।
- कृषि भूमि के मूल दस्तावेज लौटाए जाएं।
- लगभग 10 लाख रुपये नकद वापस दिलाए जाएं।
- उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- जांच में तथ्य सही पाए जाने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।
जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे तथ्य
जनसुनवाई में प्राप्त आवेदन के आधार पर संबंधित विभाग मामले की जांच कर सकता है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आवेदन में लगाए गए आरोपों के संबंध में क्या तथ्य सामने आते हैं और आगे किस प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई है। मामले में संबंधित पुत्र या अन्य पक्ष की प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक उपलब्ध नहीं हो सकी थी।
जनसुनवाई बनी न्याय की उम्मीद
कलेक्टर कार्यालय में प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाली जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों को सुनना और उनके समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करना है। मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में भी विभिन्न विभागों से जुड़ी कई शिकायतें पहुंचीं, लेकिन वृद्धा की शिकायत ने अपनी संवेदनशीलता और गंभीर आरोपों के कारण विशेष ध्यान आकर्षित किया।
अब यह मामला प्रशासनिक जांच के दायरे में है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी। शिकायत में लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता के दावे हैं और उनका स्वतंत्र सत्यापन होना शेष है।
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