चित्तौड़गढ़ |राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान के दौरान एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नागौर से रतलाम जा रही यात्री बस से करीब 300 किलो एक्सपायरी रसगुल्ले जब्त किए हैं। जांच में पाया गया कि रसगुल्लों की एक्सपायरी डेट समाप्त हो चुकी थी और वे मानव उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं थे। विभाग ने पूरे स्टॉक को जब्त कर अपनी निगरानी में नष्ट करवा दिया ताकि यह बाजार तक न पहुंच सके।
यह कार्रवाई राजस्थान के आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के तहत की गई।
मुखबिर की सूचना पर रोकी गई बस
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नागौर से रतलाम जा रही एक यात्री बस में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी खाद्य सामग्री भेजी जा रही है। सूचना मिलते ही विभाग की टीम सक्रिय हुई। फूड इंस्पेक्टर घनश्याम शर्मा और पुनीत जोशी ने बस को रुकवाकर उसकी जांच की। जांच के दौरान बस से करीब 300 किलो रसगुल्ले बरामद हुए।
जब पैकेटों की जांच की गई तो सभी रसगुल्लों की एक्सपायरी डेट समाप्त हो चुकी थी।
जांच में क्या सामने आया
फूड इंस्पेक्टर पुनीत जोशी के अनुसार, रसगुल्लों के पैकेट बस में लोड कर दिए गए थे और उनके साथ कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। प्रारंभिक जानकारी में बताया गया कि यह खेप रतलाम स्थित यामिनी स्वीट्स तक पहुंचाई जानी थी। जांच में स्पष्ट हुआ कि खाद्य सामग्री की एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी, इसलिए यह उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं थी। ऐसी स्थिति में इसे बाजार में पहुंचने देना लोगों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता था।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई
विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत पूरे स्टॉक को मौके पर ही जब्त कर लिया। बाद में विभाग की निगरानी में सभी एक्सपायरी रसगुल्लों को नष्ट कराया गया, ताकि इनका दोबारा किसी भी रूप में उपयोग या बिक्री न हो सके। अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य लोगों तक केवल सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाना है।
एक्सपायरी खाद्य सामग्री बेचना कानून का उल्लंघन
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की एक्सपायरी खाद्य सामग्री का परिवहन, भंडारण या बिक्री करना कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। विभाग ने कहा कि जिले में आगे भी इसी तरह के जांच अभियान लगातार जारी रहेंगे।
आम लोगों से की गई यह अपील
विभाग ने उपभोक्ताओं से खरीदारी के समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। खरीदारी करते समय इन बातों का ध्यान रखें—
- पैकेट पर मैन्युफैक्चरिंग डेट अवश्य देखें।
- बेस्ट बिफोर या एक्सपायरी डेट की जांच करें।
- पैकेट फूला हुआ, टूटा या क्षतिग्रस्त न हो।
- संदिग्ध खाद्य सामग्री मिलने पर संबंधित विभाग को सूचना दें।
- बिना जांचे पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदने से बचें।
जांच अभियान रहेगा जारी
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। विभाग का कहना है कि यदि किसी दुकान, गोदाम या वाहन में एक्सपायरी, खराब या मिलावटी खाद्य सामग्री के परिवहन या बिक्री की सूचना मिलती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित करें।
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