मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के नारायणगढ़ थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर एक युवक के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। सोमवार रात हुई इस घटना का वीडियो मंगलवार को सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि युवक को सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से संबंधित पोस्ट करने के कारण धमकाया गया, उसके साथ गाली-गलौज की गई और हाथ जोड़कर माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया।
VIDEO सामने आने के बाद बढ़ा मामला
घटना का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो में कुछ लोग कथित रूप से युवक से हाथ जोड़कर माफी मंगवाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में एक व्यक्ति यह कहते हुए सुनाई देता है कि प्रधानमंत्री के बारे में आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों को भारत छोड़ देना चाहिए। साथ ही यह भी कहा जाता है कि यदि उनके जैसे कार्यकर्ता पहुंच गए तो स्थिति गंभीर हो सकती है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया।
पीड़ित युवक ने शिकायत में क्या कहा?

पीड़ित युवक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने सोशल मीडिया पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी एक पोस्ट साझा की थी। शिकायत के अनुसार, पोस्ट में प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का उल्लेख किया गया था। युवक का आरोप है कि इसी पोस्ट से नाराज होकर सोमवार रात करीब 11 बजे कन्हैयालाल धनगर अपने 5-6 साथियों के साथ उसके घर पहुंचा। वहां उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई, जान से मारने की धमकी दी गई और भविष्य में इस प्रकार की पोस्ट नहीं करने की चेतावनी दी गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उससे माफी मंगवाई गई।
ग्रामीणों ने थाने का किया घेराव

वीडियो सामने आने के बाद मंगलवार को स्थानीय ग्रामीण कांग्रेस नेताओं के साथ नारायणगढ़ थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए करीब एक घंटे तक थाने का घेराव किया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया।
पुलिस ने दो लोगों पर दर्ज की FIR
नारायणगढ़ थाना प्रभारी राजेंद्र पवार ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद कन्हैयालाल धनगर और गोविंद पंवार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी के अनुसार पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की जांच जारी है तथा आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
बजरंग दल से जुड़े होने का दावा, आधिकारिक पुष्टि नहीं
सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई है कि दोनों आरोपियों का संबंध बजरंग दल से बताया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में किसी भी सरकारी एजेंसी या पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसी स्थिति में इस दावे को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है।
पुलिस जांच जारी
पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। वायरल वीडियो, शिकायत और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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