सीतामऊ (sitamau crime case)। मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के सीतामऊ क्षेत्र में हनी ट्रैप घोटाला का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना में एक रेलवे कर्मचारी को पहले प्रेम जाल में फंसाया गया और फिर उसे ब्लैकमेल कर लाखों रुपये वसूले गए। मामले की शिकायत पीड़ित की पत्नी ने दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया से शुरू हुआ हनी ट्रैप घोटाला
शिकायत के अनुसार, आरोपी महिला पूजा उर्फ सिया चौहान ने सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़ित से संपर्क किया। शुरुआत में सामान्य बातचीत कर भरोसा बनाया गया और फिर धीरे-धीरे यह संबंध निजी स्तर तक पहुंच गया।
आरोपी को पहले से यह जानकारी थी कि युवक रेलवे में कार्यरत है। इसी वजह से उसे इस हनी ट्रैप घोटाला का शिकार बनाने की योजना बनाई गई।
21 लाख रुपये की ठगी
यह हनी ट्रैप घोटाला केवल भावनात्मक नहीं बल्कि आर्थिक शोषण का भी मामला है। आरोपी महिला ने अलग-अलग समय पर पीड़ित से करीब 21 लाख 13 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवाए।
इसके अलावा नकद राशि भी ली गई। पैसे देने के लिए पीड़ित को कर्ज तक लेना पड़ा और उसका अधिकांश वेतन इसी में खर्च हो गया।
नशीला पदार्थ देकर बनाए वीडियो
मामले का सबसे गंभीर पहलू तब सामने आया जब पीड़ित ने बताया कि आरोपी उसे मंदसौर के रामटेकरी क्षेत्र में एक मकान पर ले गई। वहां उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया।
बेहोशी की हालत में उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाए गए। होश में आने के बाद आरोपी ने इन्हीं वीडियो के आधार पर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
यह पूरा घटनाक्रम एक सुनियोजित हनी ट्रैप घोटाला की ओर इशारा करता है।
झूठे केस में फंसाने की धमकी
जब पीड़ित ने पैसे देने से इंकार किया, तो आरोपी ने उसे झूठे दुष्कर्म केस में फंसाने और नौकरी से निकलवाने की धमकी दी। आरोपी ने खुद को प्रभावशाली लोगों और पुलिस अधिकारियों से जुड़ा बताया और परिवार को बर्बाद करने की चेतावनी दी।
पीड़ित के अनुसार, आरोपी उसके घर तक पहुंची और वहां भी अभद्र व्यवहार करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस जांच और कार्रवाई
लगातार मानसिक और आर्थिक दबाव से परेशान होकर पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(6), 296(ए) और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
थाना प्रभारी के अनुसार, इस हनी ट्रैप घोटाला की जांच गंभीरता से की जा रही है और हर पहलू को खंगाला जा रहा है।
गिरोह होने की आशंका
पुलिस को संदेह है कि यह हनी ट्रैप घोटाला किसी संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है और आरोपी की तलाश जारी है।
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