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मंदसौर ड्रग तस्करी: एंबुलेंस की आड़ में 4 क्विंटल डोडाचूरा, पुलिस ने ऐसे तोड़ा बड़ा नेटवर्क

मंदसौर ड्रग तस्करी

मंदसौर (Mandsaur News)मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में मंदसौर ड्रग तस्करी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है। तस्करों ने इस बार एंबुलेंस जैसी दिखने वाली गाड़ी का इस्तेमाल कर नशीले पदार्थ की सप्लाई करने की योजना बनाई थी, लेकिन सीतामऊ पुलिस की मुस्तैदी के कारण यह बड़ी साजिश नाकाम हो गई।

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गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने बनाई रणनीति

दरअसल, मंदसौर ड्रग तस्करी से जुड़ी गतिविधियों को लेकर पुलिस को पहले ही इनपुट मिल चुका था। इसी आधार पर गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात मंदसौर-सीतामऊ रोड पर पंचमुखी बालाजी फैमिली रेस्टोरेंट के पास घेराबंदी की गई। पुलिस टीम हर आने-जाने वाले वाहन पर नजर रख रही थी।

इसी दौरान कच्चे रास्ते से एक एंबुलेंस जैसी गाड़ी आती दिखाई दी, जो सामान्य गतिविधियों से अलग लग रही थी। पुलिस ने जैसे ही उसे रोकने का इशारा किया, उसमें सवार आरोपी घबरा गए।

भागते समय फायरिंग, पुलिस ने दिखाया साहस

जैसे ही पुलिस टीम आगे बढ़ी, दोनों आरोपी वाहन छोड़कर भागने लगे। इस दौरान मंदसौर ड्रग तस्करी में शामिल एक आरोपी ने पुलिस को डराने के लिए हवाई फायरिंग भी की। हालांकि पुलिस ने बिना घबराए पीछा जारी रखा और फायरिंग करने वाले आरोपी को दबोच लिया।

दूसरा आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश लगातार जारी है।

आरोपी के पास से हथियार और कारतूस बरामद

गिरफ्तार आरोपी ने अपना नाम रुपाराम पिता कृष्णाराम विश्नोई (27) निवासी बाड़मेर, राजस्थान बताया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और एक खाली खोखा बरामद हुआ। यह साफ दर्शाता है कि मंदसौर ड्रग तस्करी में शामिल आरोपी पूरी तैयारी के साथ आए थे।

एंबुलेंस बनी तस्करी का जरिया

जब पुलिस ने गाड़ी की तलाशी ली, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। एंबुलेंस के रूप में इस्तेमाल की जा रही इनोवा कार के अंदर 22 कट्टों में भरा करीब 4 क्विंटल डोडाचूरा मिला। इसकी अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपए बताई जा रही है।

इसके अलावा वाहन से चार अलग-अलग नंबर की डुप्लिकेट नंबर प्लेट और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। यह दर्शाता है कि मंदसौर ड्रग तस्करी का यह नेटवर्क बेहद संगठित और चालाक तरीके से काम कर रहा था।

फरार आरोपी की पहचान, दबिश जारी

पुलिस ने फरार आरोपी की पहचान अशोक माली निवासी बाड़मेर के रूप में कर ली है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा।

नारायणगढ़ पुलिस भी थी पीछा कर रही

सूत्रों के अनुसार, यह वाहन पहले नारायणगढ़ थाना क्षेत्र में भी संदिग्ध गतिविधियों में नजर आया था। वहां की पुलिस टीम भी इसका पीछा कर रही थी। भागते समय वाहन ने रास्ते में कुछ गाड़ियों को टक्कर भी मारी, जिससे मामला और गंभीर हो गया।

अंतरराज्यीय गिरोह की जांच तेज

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मंदसौर ड्रग तस्करी का यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। राजस्थान कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस को अंतरराज्यीय गिरोह के सक्रिय होने की आशंका है। इसी दिशा में जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

कई धाराओं में केस दर्ज

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 8/15, आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 तथा बीएनएस की धारा 125 के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और उससे पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।

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