नीमच। अस्पताल में लापरवाही के आरोपों को लेकर नीमच जिला अस्पताल एक बार फिर चर्चा में है। गुरुवार शाम मेडिकल वार्ड में भर्ती 60 वर्षीय महिला की उपचार के दौरान मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का दावा है कि महिला की हालत लगातार बिगड़ रही थी, लेकिन कई बार गुहार लगाने के बावजूद न तो डॉक्टर पहुंचे और न ही समय पर इलाज मिला।
जानकारी के अनुसार, रामपुर निवासी ग्यारसी बाई (60) को चार दिन पहले खून की कमी के कारण नीमच जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक इन चार दिनों में महिला को तीन यूनिट खून चढ़ाया गया। गुरुवार को आखिरी बोतल चढ़ने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उन्हें तेज ठंड लगने लगी।
‘साहब आएंगे तब देखेंगे‘ कहकर टालने का आरोप
मृतका के परिजनों का आरोप है कि महिला की हालत बिगड़ने पर उन्होंने ड्यूटी डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को करीब 10 बार बुलाने की कोशिश की। इसके बावजूद कोई भी मरीज को देखने नहीं पहुंचा। परिजनों का कहना है कि स्टाफ ने उन्हें यह कहकर इंतजार करने को कहा कि “साहब आएंगे तब देखेंगे।”
परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर डॉक्टर पहुंच जाते और तत्काल उपचार शुरू किया जाता तो शायद महिला की जान बचाई जा सकती थी।
पोती का आरोप- दादी गिरीं, लेकिन कोई मदद को नहीं आया
मृतका की पोती दिव्या योगी ने आरोप लगाया कि जब उनकी दादी को टॉयलेट ले जाया जा रहा था, तभी वह बेसुध होकर बेड से नीचे गिर गईं। उस समय वह और उनका भाई मिलकर उन्हें उठाने का प्रयास करते रहे, लेकिन वार्ड में मौजूद किसी कर्मचारी ने मदद नहीं की। दिव्या का कहना है कि स्टाफ पूरा घटनाक्रम देखता रहा, लेकिन किसी ने मरीज को उठाने या आपातकालीन उपचार देने की कोशिश नहीं की। परिजनों ने इसे अस्पताल में लापरवाही का सबसे गंभीर उदाहरण बताया है।
मौत के बाद भी तीन घंटे तक नहीं हटाई गई कैनुला
परिजनों के अनुसार, ग्यारसी बाई की गुरुवार शाम करीब 5 बजे मौत हो गई। इसके बाद भी रात करीब 8 बजे तक उनके हाथ में लगी खून चढ़ाने वाली कैनुला नहीं हटाई गई। आरोप है कि जब परिजन इस संबंध में शिकायत करने पहुंचे तो स्टाफ ने मदद करने के बजाय पर्ची और अन्य दस्तावेज मांगकर बात टाल दी। इससे नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध जताया और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कार्रवाई की मांग, प्रशासन के जवाब का इंतजार
महिला की मौत के बाद परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अस्पताल में समय पर इलाज और संवेदनशीलता दिखाई जाती तो यह स्थिति नहीं बनती। फिलहाल इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।






