नीमच। नीमच कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित हुई जनसुनवाई में जिलेभर से पहुंचे लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। इस दौरान कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने 130 आवेदकों की शिकायतों और मांगों पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस बार की जनसुनवाई में भूमि विवाद, अतिक्रमण, आर्थिक सहायता, रास्ता अवरुद्ध होने और सामाजिक समस्याओं से जुड़े कई मामले सामने आए। कई मामलों में कलेक्टर ने मौके पर ही कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए, जिससे लोगों को तुरंत राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
तालाब की जमीन से अतिक्रमण हटाने के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान ग्राम सेमली चंद्रावत के ग्रामीण बाबूकुंवर सहित अन्य ग्रामीणों ने गांव के सर्वे नंबर 635/2 स्थित लगभग 2 हेक्टेयर तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने बताया कि तालाब की जमीन पर लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है, जिससे गांव में जल संरक्षण की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से सीमांकन कराकर कब्जा हटाने की मांग की। मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने तहसीलदार नीमच ग्रामीण को उसी दिन राजस्व टीम भेजकर सीमांकन कराने और अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि सार्वजनिक उपयोग की जमीन और जल स्रोतों पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने जल्द कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया।
बीमार मजदूर को मिलेगी आर्थिक सहायता
मंगलवार की जनसुनवाई में मनासा क्षेत्र के मातारूण्डी गांव निवासी सत्यनारायण भी पहुंचे। उन्होंने अपनी बीमारी और आर्थिक तंगी की जानकारी देते हुए परिवार के पालन-पोषण के लिए सहायता की मांग की।
सत्यनारायण ने बताया कि लंबे समय से बीमारी के कारण वह मजदूरी नहीं कर पा रहे हैं, जिससे परिवार आर्थिक संकट में है। मामले को संवेदनशीलता से लेते हुए कलेक्टर ने रेडक्रॉस सोसायटी नीमच के प्रभारी को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रशासन की इस पहल से जरूरतमंद परिवार को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
नवलपुरा में बंद रास्ता खुलवाने के आदेश
जनसुनवाई में नवलपुरा गांव के ग्रामीणों ने वर्षों पुराने आम रास्ते को कुछ लोगों द्वारा बंद किए जाने की शिकायत की। ग्रामीणों ने बताया कि रास्ता बंद होने के कारण गांव के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस मामले में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने तहसीलदार को मौके पर टीम भेजकर तत्काल रास्ता खुलवाने के निर्देश दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक रास्ते में बाधा डालने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिलेभर से पहुंचे आवेदक
इस जनसुनवाई में जिले के अलग-अलग गांवों और कस्बों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। हतुनिया के राधेश्याम धनगर, मालखेड़ा के प्रभुलाल, ज्ञानमंदिर महाविद्यालय नीमच के सेवानिवृत्त ग्रंथपाल ओमप्रकाश, जावद की रूकमणबाई, प्रतापपुरा कुकडेश्वर के प्रकाशचंद्र और राजकुमार ने भी आवेदन प्रस्तुत किए।
इसके अलावा सरवानिया बोर के नरेन्द्र, सरवानिया महाराज की जानीबाई, नरसिंहपुरा के तुलसीराम, भादवामाता के सुरेश, दुरगपुरा के कालूलाल और सीरखेड़ा के बहादुरसिंह ने भी अपनी समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया।
इसी तरह कुकडेश्वर वार्ड नंबर 13 के राकेश, बरथून के लक्ष्मणसिंह, ग्वालटोली नीमच की सोमा पोद्दार, जावद की शांतिबाई, बांगरेड़ के नरसिंह, मोया के तुलसीराम, कड़ी आंत्री के विष्णु, बोरदिया कला के कचरूलाल, मनासा के संजय, अरनिया बोराना के भगवानसिंह, बरूखेड़ा के जगदीश, केलुखेड़ा के समरथ मेघवाल, देवरी खवासा के बाबूलाल और अम्बेडकर कॉलोनी नीमच की निर्मला ने भी अपनी शिकायतें और मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं।
अधिकारियों को समयसीमा में निराकरण के निर्देश
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों का समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें, इसके लिए सभी विभाग गंभीरता से कार्य करें।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि भूमि विवाद, अतिक्रमण और सामाजिक सहायता से जुड़े मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरती जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी है।
जनता के भरोसे का केंद्र बन रही जनसुनवाई
नीमच जिले में नियमित रूप से आयोजित होने वाली जनसुनवाई अब आम जनता के लिए भरोसे का बड़ा माध्यम बनती जा रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से लोग सीधे प्रशासन तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं और कई मामलों में तत्काल समाधान भी हो रहा है।
मंगलवार को हुई जनसुनवाई में भी प्रशासन का सक्रिय रवैया देखने को मिला। इससे लोगों में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि उनकी समस्याओं का समाधान अब तेजी से किया जा रहा है।
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