जावद (प्रदीप तिवारी)। नीमच जिले के जावद शहर में इन दिनों जावद सफाई संकट लगातार गहराता जा रहा है। शहर के प्रमुख नाले गंदगी और कचरे से पूरी तरह पट चुके हैं। रामपुरा दरवाजा, बस स्टैंड और खोर दरवाजा क्षेत्र से गुजरने वाला मुख्य नाला अब बदबू और बीमारियों का बड़ा कारण बन गया है। स्थानीय लोग प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं।
नाला बना कचरे का अड्डा, रुक गया पानी का बहाव
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक नाले में प्लास्टिक, पॉलीथिन, थर्माकोल और घरेलू कचरे का ढेर जमा हो चुका है। लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण पानी सड़ गया है और बहाव पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। यही वजह है कि आसपास के इलाकों में तेज दुर्गंध फैल रही है।
लोगों का कहना है कि शाम के समय हालात इतने खराब हो जाते हैं कि रास्ते से गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
मच्छरों का आतंक, बीमारी फैलने का डर
बढ़ती गंदगी के चलते शहर में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। नागरिकों को डर है कि आने वाले दिनों में डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। बारिश का मौसम नजदीक होने के कारण चिंता और बढ़ गई है।
स्थानीय परिवारों का कहना है कि बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कई लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से तत्काल फॉगिंग और दवा छिड़काव की मांग की है।
कुओं तक पहुंचा दूषित पानी, पेयजल संकट गहराया
जावद सफाई संकट अब केवल नालों तक सीमित नहीं रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार नाले का गंदा पानी आसपास के कुओं तक रिसने लगा है। इससे कुओं का पानी दूषित और बदबूदार हो गया है। कई परिवारों ने आरोप लगाया कि अब उन्हें पीने के लिए बाहर से पानी खरीदना पड़ रहा है। लोगों को डर है कि दूषित पानी से गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं।
सत्यनारायण पाटीदार ने प्रशासन को घेरा
पूर्व जनपद अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सत्यनारायण पाटीदार ने पूरे मामले में नगरपालिका प्रशासन और नपाध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान केवल कागजों तक सीमित होकर रह गया है। पाटीदार ने आरोप लगाया कि जनता टैक्स भर रही है लेकिन बदले में उसे गंदगी, बदबू और बीमारियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
विधायक ओमप्रकाश सखलेचा पर भी साधा निशाना
सत्यनारायण पाटीदार ने विधायक ओमप्रकाश सखलेचा पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जावद शहर की मूलभूत समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। विकास के दावे बड़े-बड़े किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वच्छता और विकास के नाम पर आने वाला बजट धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं और स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नालों की सफाई और मरम्मत का काम शुरू नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पाटीदार ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो नगर परिषद का घेराव किया जाएगा और सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन होगा।
जनता की मांग — तुरंत शुरू हो सफाई अभियान
शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि नालों की युद्धस्तर पर सफाई कराई जाए, दूषित पानी की जांच हो और प्रभावित क्षेत्रों में नियमित दवा छिड़काव किया जाए। फिलहाल पूरे शहर में जावद सफाई संकट चर्चा का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है और लोग प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
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