नीमच। जिले में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल ठगी के मामलों को देखते हुए नीमच पुलिस ने बड़ी पहल की है। अब जिले के सभी पुलिस थानों में साइबर हेल्प डेस्क की स्थापना कर दी गई है। इसका उद्देश्य यह है कि साइबर अपराध का शिकार व्यक्ति को शिकायत के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े और थाना स्तर पर ही उसे तत्काल सहायता मिल सके। पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन में यह व्यवस्था लागू की गई है।
साइबर हेल्प डेस्क के लिए पुलिस कर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम नीमच में साइबर हेल्प डेस्क के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के प्रत्येक पुलिस थाने से तीन-तीन पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया। इनमें आरक्षक और प्रधान आरक्षक स्तर के करीब 30 पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य थाना स्तर पर साइबर अपराधों की शिकायतों का तकनीकी समाधान सुनिश्चित करना था। पुलिस अधिकारियों ने साइबर फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी, सोशल मीडिया हैकिंग, OTP फ्रॉड और डिजिटल ठगी जैसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करने की प्रक्रिया समझाई।
1930 हेल्पलाइन और पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास और साइबर सेल टीम ने बताया कि साइबर अपराध होने के बाद शुरुआती समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसी कारण साइबर हेल्प डेस्क पर तैनात पुलिसकर्मियों को राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 और सरकारी पोर्टल cybercrime.gov.in पर त्वरित शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया सिखाई गई।
अधिकारियों ने कहा कि समय पर शिकायत दर्ज होने से ठगी गई राशि को रोकने और आरोपी तक पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है। यही वजह है कि प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क को सक्रिय रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
कई महत्वपूर्ण पोर्टलों की दी गई जानकारी
कार्यशाला में पुलिसकर्मियों को NCRP, SANCHAR SATHI, SAMANVAY, CEIR और Cyber Police Portal जैसे महत्वपूर्ण पोर्टलों की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया गया कि इन पोर्टलों का उपयोग कर साइबर अपराधों की जांच को कैसे मजबूत बनाया जा सकता है।
साथ ही यह भी समझाया गया कि साइबर हेल्प डेस्क पर आने वाली शिकायतों में किस प्रकार तकनीकी जांच की जाए, डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएं और पीड़ित को तुरंत राहत दिलाई जाए।
SP राजेश व्यास बोले- तकनीकी दक्षता बेहद जरूरी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने कहा कि साइबर अपराध लगातार बदल रहे हैं और इनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए पुलिसकर्मियों का तकनीकी रूप से प्रशिक्षित होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि साइबर हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारी यदि सही तरीके से पोर्टलों का उपयोग करेंगे तो पीड़ितों को काफी राहत मिलेगी। जरूरत पड़ने पर थाना स्तर से सीधे साइबर सेल का सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जनजागरूकता अभियान भी चलाएगी पुलिस
नीमच पुलिस साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान भी चला रही है। साइबर हेल्प डेस्क के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया स्कैम से बचने की जानकारी दी जाएगी। पुलिस का मानना है कि जागरूकता से ही साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
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