नीमच। नीमच जिले का झांझरवाड़ा इंडस्ट्रियल एरिया अब रोजगार और औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनता जा रहा है। एमपीआईडीसी की ओर से आयोजित निवेशकों और भूखंडधारकों की बैठक में सामने आया कि क्षेत्र में 45 औद्योगिक इकाइयां उत्पादन शुरू कर चुकी हैं, जिससे करीब 2500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है।
झांझरवाड़ा स्थित साइट कार्यालय में हुई बैठक में एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक राजेश राठौड़ ने उद्योग स्थापना कार्यों की समीक्षा करते हुए निवेशकों से परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का आग्रह किया।
194 भूखंड आवंटित, 21 इकाइयों का काम जारी
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि झांझरवाड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में कुल 194 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इनमें से 89 भूखंडों पर उद्योग स्थापना की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 45 इकाइयों में उत्पादन शुरू हो गया है। वहीं 21 अन्य इकाइयों में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने से परिवहन, मजदूरी, पैकेजिंग और सप्लाई जैसे सेक्टर में भी रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
“समय पर उद्योग शुरू करें निवेशक”
कार्यकारी संचालक राजेश राठौड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार छोटे और मध्यम जिलों में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि झांझरवाड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में निवेशकों को हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है, लेकिन उद्योग स्थापना में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन भूखंडधारकों ने जमीन लेने के बाद भी लंबे समय तक उद्योग शुरू नहीं किए हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
स्थानीय युवाओं के लिए बढ़ेंगे अवसर
बैठक में यह भी बताया गया कि आने वाले समय में झांझरवाड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में और नई इकाइयां शुरू होने की संभावना है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और जिले की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
बैठक में मौजूद निवेशकों ने भी उद्योग स्थापना कार्यों में तेजी लाने और जिले के औद्योगिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का भरोसा दिलाया।
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