मंदसौर । मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में सामने आए ड्रग्स मामले के बाद पुलिस विभाग में बड़ा भूचाल आ गया है। कचनारा चौकी से पुलिसकर्मी सस्पेंड होने की खबर पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) द्वारा भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स पकड़े जाने के बाद पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना ने सख्त कदम उठाते हुए तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
कचनारा-लसुड़ियाईला क्षेत्र में हुई बड़ी कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक 8 मई 2026 को थाना दलौदा की चौकी कचनारा अंतर्गत ग्राम कचनारा-लसुड़ियाईला क्षेत्र में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम ने दबिश देकर भारी मात्रा में अवैध एमडी ड्रग जब्त की थी। इस कार्रवाई ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
सोशल मीडिया और सूत्रों से मिली थी सूचना
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की जानकारी सोशल मीडिया और खुफिया सूत्रों के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची थी। इसके बाद पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की गई। जांच में यह सामने आया कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियां लंबे समय से संचालित हो रही थीं, लेकिन स्थानीय पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
एसपी ने आदेश में जताई नाराजगी
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना द्वारा जारी आदेश में साफ तौर पर कहा गया कि पूर्व में सभी थाना और चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ सूचना तंत्र मजबूत करने और कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कचनारा चौकी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई किसी बाहरी एजेंसी द्वारा किया जाना बेहद गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
संदिग्ध आचरण और लापरवाही पर कार्रवाई
एसपी ने आदेश में कहा कि चौकी पर पदस्थ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है और उनकी व्यावसायिक दक्षता भी बेहद कमजोर पाई गई। इसी वजह से कचनारा चौकी से पुलिसकर्मी सस्पेंड करने का फैसला लिया गया। अधिकारियों के अनुसार पुलिसकर्मियों ने न तो प्रभावी आसूचना संकलन किया और न ही अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण करने का प्रयास किया।
इन पुलिसकर्मियों को किया गया निलंबित
इस मामले में कचनारा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक पूर्णिमा सिरोहिया, कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक युसूफ मंसूरी और आरक्षक अर्जुन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र मंदसौर संबद्ध किया गया है।
निलंबन अवधि में लागू होंगी ये शर्तें
आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान संबंधित कर्मचारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
पांच दिन में मांगी गई जांच रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मंदसौर (ग्रामीण) को पूरे प्रकरण की जांच सौंप दी गई है। अधिकारियों को पांच दिनों के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में बढ़ सकती है और कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार अब जिले के अन्य थाना क्षेत्रों की गतिविधियों की भी समीक्षा की जा सकती है। यदि कहीं लापरवाही या संदिग्ध गतिविधियां सामने आती हैं तो आगे और भी सख्त कार्रवाई संभव मानी जा रही है।
ड्रग्स नेटवर्क पर पुलिस की बड़ी चुनौती
मंदसौर और आसपास के इलाकों में मादक पदार्थों का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। ऐसे में स्थानीय पुलिस की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। कचनारा चौकी से पुलिसकर्मी सस्पेंड होने की घटना पुलिस विभाग के लिए बड़ा संदेश मानी जा रही है।
स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की सराहना
क्षेत्र के लोगों ने एसपी की इस कार्रवाई को जरूरी और साहसिक कदम बताया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती होती तो क्षेत्र में नशे का कारोबार इतना नहीं फैलता।
पुलिस विभाग में बढ़ी हलचल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि भविष्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।


