कुकड़ेश्वर। नीमच जिले के कुकड़ेश्वर में गुरुवार को हुई खाद्य सुरक्षा विभाग कार्रवाई के दौरान एक बड़ी अनियमितता सामने आई। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बिना लाइसेंस संचालित हो रही नमकीन फैक्ट्री पर छापा मारते हुए 1385 किलोग्राम नमकीन जब्त किया। निरीक्षण में फैक्ट्री के भीतर गंदगी के बीच खाद्य सामग्री का निर्माण और पैकिंग होती मिली, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल यूनिट को बंद करवा दिया।
कलेक्टर के निर्देश पर चला निरीक्षण अभियान
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा और अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कुकड़ेश्वर और रामपुरा क्षेत्र में आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया। इसी दौरान मनासा-रामपुरा रोड स्थित मैसर्स श्री साईं कृपा नमकीन फैक्ट्री पर खाद्य सुरक्षा विभाग कार्रवाई की गई।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि फैक्ट्री बिना वैध खाद्य पंजीयन और लाइसेंस के संचालित हो रही थी। यहां नमकीन निर्माण, पैकिंग, भंडारण और विक्रय का कार्य किया जा रहा था। तैयार नमकीन पैकेटों पर पैकिंग दिनांक, बैच नंबर और लाइसेंस नंबर जैसी अनिवार्य जानकारी अंकित नहीं थी।
इसके अलावा पैकेटों पर निर्माता का पता जूनी भदाना तहसील मनासा लिखा हुआ था, जबकि वास्तविक निर्माण कुकड़ेश्वर में किया जा रहा था। अधिकारियों ने इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन माना।
1385 किलो नमकीन और कई सामग्री जब्त

इस खाद्य सुरक्षा विभाग कार्रवाई के दौरान मौके से बजरंग नमकीन स्पेशल सेव, श्रद्धा रतलामी सेव, श्री साईं कृपा खट्टा मीठा मिक्सचर और रतलाम सेव बारीक सहित कई उत्पादों के नमूने लिए गए।
इसके अलावा पामोलिन ऑयल, बेसन, मटर आटा, अजवाइन, काली मिर्च, लौंग और मिर्ची पाउडर के भी नमूने जांच के लिए जब्त किए गए। कुल 11 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं जब्त नमकीन का कुल वजन 1385 किलोग्राम बताया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 22 हजार 600 रुपए है।
खाद्य सुरक्षा विभाग कार्रवाई के बाद संबंधित संचालक को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 32 के तहत सुधार सूचना पत्र जारी किया गया है। प्रशासन अब इस मामले को अपर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत करेगा, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डेरी पर भी हुई जांच कार्रवाई
इसी निरीक्षण अभियान के दौरान रामपुरा स्थित सांवलिया दुग्ध डेरी का भी निरीक्षण किया गया। यहां से पनीर, मिश्रित दूध, दही और घी के कुल 4 नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
इस खाद्य सुरक्षा विभाग कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य खाद्य कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति देखी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई छोटे खाद्य निर्माण केंद्र लंबे समय से बिना मानकों के संचालित हो रहे हैं। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिहाज से जरूरी मानी जा रही है।
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