मंदसौर। मंदसौर शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में किए गए बदलाव अब आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। वन-वे ट्रैफिक का विरोध अब खुलकर सामने आ गया है और सोमवार को यह विरोध आंदोलन के रूप में बदल गया। शहर के प्रमुख सरदार वल्लभभाई पटेल चौराहे पर स्थानीय लोग, व्यापारी और राजनीतिक कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और प्रशासन के फैसले के खिलाफ धरने पर बैठ गए।
बिना तैयारी लागू किया गया बदलाव
प्रशासन ने ट्रैफिक दबाव कम करने के उद्देश्य से चौराहे का सर्कल हटाकर नई वन-वे व्यवस्था लागू की थी। इसके साथ ही बैरिकेडिंग लगाकर कई रास्तों को सीमित कर दिया गया।
लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह फैसला बिना किसी ठोस योजना और जनसुनवाई के लागू किया गया। इसी कारण वन-वे ट्रैफिक का विरोध तेजी से बढ़ता गया।
लंबा चक्कर बना सबसे बड़ी परेशानी

नई व्यवस्था के बाद अफीम गोदाम रोड, नई आबादी और संजीत नाका जाने वाले लोगों को सीधे रास्ते के बजाय सिटी ग्राउंड या महाराणा प्रताप चौराहे से होकर जाना पड़ रहा है।
इससे यात्रा का समय बढ़ गया है और रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। वाहन चालकों का कहना है कि छोटी दूरी के लिए अब उन्हें लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे ईंधन खर्च भी बढ़ रहा है।
इन्हीं कारणों से वन-वे ट्रैफिक का विरोध आम जनता के बीच तेजी से फैल गया।
भीषण गर्मी में भी जारी रहा प्रदर्शन

सोमवार को तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास था, लेकिन इसके बावजूद लोग सड़क पर बैठकर विरोध करते रहे। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि यह फैसला जनता की सुविधा के खिलाफ है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
धरने में शामिल लोगों ने साफ कर दिया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, वन-वे ट्रैफिक का विरोध जारी रहेगा।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों में तीखी बहस
स्थिति को संभालने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। सिटी कोतवाली टीआई पुष्पेंद्र सिंह राठौर ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी।
धरने का नेतृत्व कर रहे जनपद सदस्य दीपक सिंह गुर्जर और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। पुलिस ने लोगों को हटाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। इस दौरान वन-वे ट्रैफिक का विरोध और अधिक उग्र होता नजर आया।
दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ने का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्कल हटाने और बैरिकेडिंग लगाने से ट्रैफिक व्यवस्था और जटिल हो गई है। कई जगह अचानक मोड़ और संकरी जगहों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। व्यापारियों ने भी इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि इससे बाजार की गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है।
यही वजह है कि वन-वे ट्रैफिक का विरोध अब केवल ट्रैफिक नहीं, बल्कि जनहित का मुद्दा बन गया है।
प्रशासन पर बढ़ रहा दबाव
लगातार बढ़ते विरोध के कारण प्रशासन पर दबाव भी बढ़ता जा रहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव शहर के भविष्य को ध्यान में रखकर किया गया है, लेकिन जनता की नाराजगी को देखते हुए इसमें संशोधन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थिति बनी हुई है तनावपूर्ण
फिलहाल चौराहे पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस बल तैनात है और हालात पर नजर रखी जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक बैरिकेडिंग हटाकर पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं की जाती, वन-वे ट्रैफिक का विरोध जारी रहेगा।
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