नीमच: ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर 20 मई को देशभर के करीब 8 से 12 लाख केमिस्ट मेडिकल स्टोर हड़ताल पर जा रहे हैं। ऑनलाइन ई-फार्मेसी कंपनियों की मनमानी और नियमों की अनदेखी के खिलाफ यह एक दिवसीय बंदी बुलाई गई है। नीमच में भी इस हड़ताल का असर रहेगा, लेकिन जिले के मरीजों और आम जनता को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। स्थानीय प्रशासन ने जीवनरक्षक दवाओं की निर्बाध आपूर्ति के लिए ग्राउंड पर पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं।
नीमच में मेडिकल स्टोर हड़ताल का असर: “केमिस्ट बंद, पर इलाज नहीं”
मरीजों को समय पर दवा मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA), जिला नीमच ने 19 मई को एक प्रेस नोट जारी किया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह से बहाल रहेंगी।
आम जनता के लिए मुख्य रूप से दो बड़ी व्यवस्थाएं की गई हैं:
जनऔषधि केंद्र चालू रहेंगे: जिले में संचालित सभी ‘प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र’ आम दिनों की तरह ही खुले रहेंगे।
प्राइवेट अस्पतालों के मेडिकल स्टोर: जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की सहमति से 21 प्राइवेट अस्पताल परिसरों में चल रहे मेडिकल स्टोर्स भर्ती मरीजों को नियमित रूप से दवाइयां उपलब्ध कराएंगे।
20 मई को नीमच में खुले रहने वाले मेडिकल स्टोर्स की सूची
आपातकालीन स्थिति में बाह्य रोगियों (OPD) और आम जनता को भटकना न पड़े, इसके लिए प्रशासन ने नीमच शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष मेडिकल स्टोर्स को खुले रहने की अनुमति दी है।
नीमच शहर (अस्पताल परिसरों में):
आशा हॉस्पिटल
चोरडिया हॉस्पिटल
सुयश हॉस्पिटल
गर्ग हॉस्पिटल
पाटीदार बाल चिकित्सालय
पोरवाल चिकित्सालय
श्री राम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल
उषा चिकित्सालय
जिले के ग्रामीण व तहसील क्षेत्रों में:
सिंगोली: रवि मेडिकल स्टोर्स
झांतला: धन्वन्तरी मेडिकल स्टोर
रतनगढ़: हकिमिया मेडिकल स्टोर
मोरवन: सोनी मेडिकल स्टोर
डीकेन: माहेश्वरी मेडिकल स्टोर
सरवानिया महाराज: दीपक मेडिकल
जावद: कमल केमिस्ट
नयागांव: अंकुर मेडिकल स्टोर्स
मनासा: पाटीदार मेडिकल्स एवं सहयोग मेडिकल
रामपुरा: आदर्श मेडिकल
कुकड़ेश्वर: प्रमोद मेडिकल
चिताखेड़ा: जैन मेडिकल
जीरन: टिपटॉप मेडिकल
आखिर क्यों हो रही है यह राष्ट्रव्यापी हड़ताल?
इस हड़ताल का मुख्य कारण ई-फार्मेसी और इंस्टेंट मेडिसिन डिलीवरी ऐप्स के लिए किसी स्पष्ट कानूनी ढांचे का न होना है। AIOCD के महासचिव राजीव सिंघल के मुताबिक, संस्था डिजिटलाइजेशन का विरोध नहीं कर रही है, बल्कि वह ऑनलाइन दवा कंपनियों के लिए सख्त नियमन चाहती है।
केमिस्टों की मुख्य आपत्तियां इस प्रकार हैं:
नियमों में बड़ी खामी: केमिस्ट संगठन दो सरकारी नोटिफिकेशन—जीएसआर 220(ई) (कोविड काल की होम डिलीवरी व्यवस्था) और जीएसआर 817(ई) (ई-फार्मेसी का अधूरा ड्राफ्ट)—को तत्काल वापस लेने की मांग कर रहा है।
बाजार पर एकाधिकार (Predatory Pricing): ऑनलाइन कंपनियां दवाओं पर 20% से 60% तक का भारी डिस्काउंट बांट रही हैं, जबकि रिटेल केमिस्टों को औसतन केवल 16% मार्जिन मिलता है। आरोप है कि यह छोटे “मॉम एंड पॉप” मेडिकल स्टोर्स को बाजार से खत्म करने की सोची-समझी रणनीति है।
फर्जी और AI जनरेटेड प्रिस्क्रिप्शन: ई-फार्मेसी ऐप्स पर गलत या एआई (AI) द्वारा बनाए गए फर्जी पर्चों से भी दवाएं डिलीवर हो रही हैं। इससे प्रतिबंधित दवाओं और एंटीबायोटिक्स के गलत इस्तेमाल का भारी खतरा है।
देशभर में हड़ताल का क्या होगा असर?
भले ही AIOCD ने राष्ट्रव्यापी बंदी का आह्वान किया है, लेकिन इसका देशव्यापी असर सीमित ही रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल और पंजाब सहित कई बड़े राज्यों के फार्मेसी संगठनों ने खुद को इस हड़ताल से अलग कर लिया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और दवा नियामक संस्था (CDSCO) स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यानी, देशभर में सभी बड़े फार्मेसी चेन, जन औषधि केंद्र और अमृत (AMRIT) फार्मेसी स्टोर्स मंगलवार को भी खुले रहेंगे।
नीमच केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष का बयान
नीमच केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय किलोवाल ने बताया कि ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में कल 20 मई को ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) के आह्वान पर होने वाली हड़ताल का नीमच के सभी दवा व्यापारियों ने समर्थन किया है।हमारी मांग है कि सरकार मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर सख्त नियंत्रण लगाए। बिना डॉक्टर की सलाह और बिना उचित निगरानी के दवाओं की बिक्री होने से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।हम चाहते हैं कि मेडिकल व्यवसाय और आमजन दोनों के हित सुरक्षित रहें।
FAQ Section
Q1. 20 मई को मेडिकल स्टोर हड़ताल क्यों है?
Ans. ई-फार्मेसी कंपनियों द्वारा दवाओं पर दिए जा रहे भारी डिस्काउंट और बिना स्पष्ट नियमों के ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में केमिस्ट एसोसिएशन (AIOCD) ने 20 मई को यह हड़ताल बुलाई है।
Q2. क्या हड़ताल के दिन नीमच में जरूरी दवाइयां मिलेंगी?
Ans. हां, नीमच प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। शहर के 8 बड़े निजी अस्पतालों के मेडिकल स्टोर और तहसीलों में 13 से ज्यादा चिन्हित दवा दुकानें आम जनता के लिए खुली रहेंगी।
Q3. क्या नीमच में जनऔषधि केंद्र खुले रहेंगे? Ans. बिल्कुल। हड़ताल के बावजूद नीमच जिले के सभी ‘प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र’ आम दिनों की तरह खुले रहेंगे।
Q4. केमिस्ट एसोसिएशन ई-फार्मेसी का विरोध क्यों कर रहा है? Ans. एसोसिएशन का आरोप है कि ऑनलाइन ऐप्स पर फर्जी और AI-जनरेटेड प्रिस्क्रिप्शन के जरिए भी दवाएं दी जा रही हैं, जिससे प्रतिबंधित दवाओं के दुरुपयोग का खतरा है। साथ ही भारी डिस्काउंट से छोटे व्यापारी खत्म हो रहे हैं।
Q5. क्या इस हड़ताल का असर पूरे भारत में होगा? Ans. हड़ताल का असर मिला-जुला रहेगा। यूपी, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे कई राज्यों के स्थानीय संगठनों ने इस हड़ताल में शामिल होने से इनकार कर दिया है।
ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।


