मुरैना । मुरैना ट्रेन हादसा ने रविवार सुबह एक सामान्य रेल यात्रा को दर्दनाक घटना में बदल दिया। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड पर खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस अचानक रुक गई। इसी दौरान ट्रेन के एक कोच में मोबाइल ब्लास्ट और आग लगने की अफवाह फैल गई, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
घबराहट में ट्रेन से उतर गए यात्री
रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेन में अलार्म चेन पुलिंग (ACP) होने के कारण गाड़ी बीच सेक्शन में रुकी थी। ट्रेन रुकते ही कई यात्री बिना स्थिति की पुष्टि किए नीचे उतर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ लोग घबराकर रेलवे ट्रैक की ओर भागने लगे। यही जल्दबाजी बाद में बड़ी त्रासदी का कारण बन गई।
दूसरी ट्रेन की चपेट में आए चार यात्री

मुरैना ट्रेन हादसा उस समय और भयावह हो गया जब ट्रेन से उतरे कुछ यात्री पास की अप लाइन पर पहुंच गए। इसी दौरान गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस वहां से गुजर रही थी। ट्रैक पर मौजूद चार यात्री उसकी चपेट में आ गए। रेलवे प्रशासन के अनुसार चारों की मौके पर ही मौत हो गई।
मां-बेटे समेत चार लोगों की मौत


हादसे में उत्तर प्रदेश के चार यात्रियों की जान चली गई। मृतकों में मेरठ निवासी कंचन सिंह (25), रुनकता निवासी शकुंतला सिंह (60), आगरा निवासी आफरीन (35) और उनका चार वर्षीय पुत्र असद शामिल हैं। आफरीन और असद मां-बेटे थे। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में शोक का माहौल छा गया।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताई हादसे की कहानी
बागेश्वर धाम से लौट रही एक यात्री ने बताया कि मोबाइल ब्लास्ट की सूचना फैलते ही कोच में डर का माहौल बन गया था। ट्रेन रुकने के बाद कई यात्री नीचे उतर गए। कुछ ही मिनटों बाद दूसरी ट्रेन आने से हादसा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
जांच में जुटा रेलवे और प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही RPF, GRP और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। मुरैना पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासन के अनुसार मामले की जांच जारी है। प्रारंभिक जानकारी में अफवाह और घबराहट को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।






