नीमच। जिले में अवैध खनन पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने अवैध खनन, खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन से जुड़े पांच प्रकरणों में संबंधित वाहन मालिकों पर कुल 1 लाख 12 हजार 280 रुपये की शास्ति अधिरोपित की है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत की गई है।
जिला खनिज अधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों के आधार पर की गई इस कार्रवाई में जावद तहसील के नयागांव और सुवाखेड़ा क्षेत्र के मामले शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार, अलग-अलग जांच के दौरान रेत पत्थर और खण्डा पत्थर के अवैध परिवहन तथा उत्खनन से जुड़े मामले सामने आए थे।
पांच मामलों में अलग-अलग लगी शास्ति
जिला खनिज अधिकारी के अनुसार, 26 अगस्त 2026 को तहसील जावद के ग्राम नयागांव में जांच के दौरान ट्रैक्टर क्रमांक MP44ZD0776 से रेत पत्थर का अवैध परिवहन पाया गया। इस मामले में वाहन मालिक महेश पिता रामचन्द्र जूनी, निवासी चिताखेड़ा, तहसील जीरन के विरुद्ध कार्रवाई की गई। प्रकरण में रॉयल्टी की 15 गुना राशि 5,625 रुपये तथा 25 हजार रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में निर्धारित की गई। दोनों राशियों को मिलाकर कुल 30,625 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई।
इसी दिन ग्राम सुवाखेड़ा में महिन्द्रा ट्रैक्टर क्रमांक RJ09RF1115 से खण्डा पत्थर का अवैध उत्खनन पाया गया। इसके बाद वाहन मालिक जीवराज पिता मोतीलाल किर, निवासी कल्याणपुरा, तहसील निम्बाहेड़ा के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इस प्रकरण में रॉयल्टी की 15 गुना राशि 3,600 रुपये और पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में 25 हजार रुपये निर्धारित किए गए। कुल मिलाकर इस मामले में 28,600 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई।
सुवाखेड़ा में तीन वाहनों पर भी कार्रवाई
अवैध खनन पर कार्रवाई के तहत ग्राम सुवाखेड़ा में तीन अन्य वाहनों से जुड़े मामलों में भी शास्ति लगाई गई। जिला खनिज अधिकारी के प्रतिवेदन के अनुसार, ट्रैक्टर क्रमांक RJ09RB5741 से खण्डा पत्थर का अवैध परिवहन पाया गया था। वाहन मालिक प्रकाश पिता भूरालाल माली, निवासी मंडा गुलफरोशान, चित्तौड़गढ़, तहसील निम्बाहेड़ा के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
इस मामले में रॉयल्टी की 15 गुना राशि 3,600 रुपये और 14,085 रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति सहित कुल 17,685 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई। इसी प्रकार वाहन क्रमांक RJ09RB2009 से खण्डा पत्थर का अवैध परिवहन पाए जाने पर वाहन मालिक दिनेश पिता बाबूलाल, निवासी आकिया, तहसील निम्बाहेड़ा, जिला चित्तौड़गढ़ के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इस प्रकरण में भी रॉयल्टी की 15 गुना राशि 3,600 रुपये तथा पर्यावरण क्षतिपूर्ति 14,085 रुपये निर्धारित की गई। कुल शास्ति 17,685 रुपये रही।
पांचवें मामले में ट्रैक्टर क्रमांक MP44AB2690 से खण्डा पत्थर का अवैध परिवहन पाया गया। इसके बाद वाहन मालिक गोविन्द पिता भंवरलाल धनगर, निवासी सुवाखेड़ा, तहसील जावद के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इस प्रकरण में रॉयल्टी की 15 गुना राशि 3,600 रुपये और 14,085 रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति सहित कुल 17,685 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई।
किस मामले में कितनी शास्ति?
| प्रकरण | वाहन क्रमांक | कार्रवाई | कुल शास्ति |
|---|---|---|---|
| 1 | MP44ZD0776 | रेत पत्थर का अवैध परिवहन | ₹30,625 |
| 2 | RJ09RF1115 | खण्डा पत्थर का अवैध उत्खनन | ₹28,600 |
| 3 | RJ09RB5741 | खण्डा पत्थर का अवैध परिवहन | ₹17,685 |
| 4 | RJ09RB2009 | खण्डा पत्थर का अवैध परिवहन | ₹17,685 |
| 5 | MP44AB2690 | खण्डा पत्थर का अवैध परिवहन | ₹17,685 |
| कुल | 5 प्रकरण | — | ₹1,12,280 |
शास्ति जमा होने के बाद वाहन होंगे मुक्त
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने निर्देश दिए हैं कि अधिरोपित शास्ति राशि निर्धारित अवधि में शासकीय कोष में जमा कराई जाए। प्रशासन के अनुसार, संबंधित मामलों में जब्त वाहनों को शास्ति राशि जमा होने के बाद नियमानुसार मुक्त किया जाएगा। वहीं यदि निर्धारित समयावधि में शास्ति राशि जमा नहीं की जाती है तो संबंधितों के विरुद्ध प्रचलित प्रावधानों के तहत भू-राजस्व की भांति वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की कार्रवाई से क्या साफ है?
जिला प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, जिले में अवैध खनन, खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। पांच प्रकरणों में की गई यह कार्रवाई भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। इन मामलों में प्रशासन ने रॉयल्टी की निर्धारित 15 गुना राशि के साथ पर्यावरण क्षतिपूर्ति भी अधिरोपित की है। पांचों मामलों को मिलाकर शास्ति की कुल राशि 1,12,280 रुपये है।
कार्रवाई के प्रमुख बिंदु
- कुल 5 प्रकरणों में कार्रवाई की गई।
- कुल ₹1,12,280 की शास्ति अधिरोपित हुई।
- कार्रवाई जावद तहसील के नयागांव और सुवाखेड़ा क्षेत्र से जुड़े मामलों में हुई।
- मामलों में रेत पत्थर और खण्डा पत्थर से संबंधित अवैध परिवहन/उत्खनन शामिल है।
- शास्ति राशि जमा होने के बाद जब्त वाहन नियमानुसार मुक्त किए जाएंगे।
- राशि निर्धारित समय में जमा नहीं होने पर भू-राजस्व की भांति वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
अब शास्ति राशि जमा कराने पर नजर
अवैध खनन पर कार्रवाई के इन पांच प्रकरणों में प्रशासन ने शास्ति अधिरोपित कर दी है। अब संबंधित वाहन मालिकों द्वारा निर्धारित अवधि में राशि जमा कराए जाने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राशि जमा नहीं होने की स्थिति में प्रचलित नियमों के तहत वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
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