“सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं” — ज्ञानोदय हॉस्पिटल में एसडीएम पराग जैन का आकस्मिक निरीक्षण
नीमच, 04 जून 2026। दिल्ली और मुजफ्फरपुर अग्निकांड के बाद जिले में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच The Times of MP द्वारा प्रकाशित खबर का असर अब प्रशासनिक स्तर पर दिखाई देने लगा है। गुरुवार को एसडीएम नीमच श्री पराग जैन एवं तहसीलदार श्री संजय मालवीय ने शहर स्थित ज्ञानोदय हॉस्पिटल पहुंचकर फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं का आकस्मिक निरीक्षण किया।
The Times of MP ने अपनी खबर में जिले के अस्पतालों, होटलों और भीड़भाड़ वाले संस्थानों में फायर सेफ्टी की वास्तविक स्थिति को लेकर कई सवाल उठाए थे। खबर में पूछा गया था कि क्या फायर सिस्टम वास्तव में काम कर रहे हैं या सिर्फ कागजों में सुरक्षा दिखाई जा रही है। इसी के बाद प्रशासन की यह कार्रवाई जिले में “खबर का असर” मानी जा रही है।
मौके पर परखा गया फायर सिस्टम
निरीक्षण के दौरान एसडीएम पराग जैन ने अस्पताल में लगे—
- फायर एक्सटिंग्विशर
- फायर हाइड्रेंट सिस्टम
- स्मोक डिटेक्टर
- फायर अलार्म सिस्टम
- इमरजेंसी एग्जिट
की उपलब्धता एवं कार्यप्रणाली की बारीकी से जांच की।
सिर्फ दस्तावेज देखने तक सीमित रहने के बजाय अधिकारियों ने मौके पर यह भी परखा कि आपात स्थिति में सिस्टम प्रभावी तरीके से काम करेगा या नहीं। अस्पताल स्टाफ से अग्निशमन उपकरणों के उपयोग और इमरजेंसी रिस्पॉन्स को लेकर सवाल पूछे गए।
मरीजों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी लिया जायजा
फायर सेफ्टी निरीक्षण के साथ प्रशासनिक टीम ने अस्पताल में उपलब्ध अन्य जरूरी सुविधाओं की भी समीक्षा की। इस दौरान—
- ICU सुविधा
- ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम
- बेड उपलब्धता
- जनरेटर बैकअप
- स्वच्छता व्यवस्था
का निरीक्षण किया गया।
एसडीएम ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि सभी फायर सुरक्षा उपकरण हमेशा चालू हालत में रखे जाएं और स्टाफ को समय-समय पर मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाए।
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“अब सिर्फ NOC से काम नहीं चलेगा”
सूत्रों के अनुसार निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त संदेश भी दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
एसडीएम पराग जैन ने फायर NOC का समय पर नवीनीकरण कराने और नियमित सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन हर संस्थान की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
जनता पूछ रही थी सवाल, अब दिखा प्रशासनिक एक्शन
हाल ही में The Times of MP ने अपनी खबर में सवाल उठाए थे कि—
- क्या जिले में फायर सेफ्टी की वास्तविक जांच होती है?
- क्या फायर सिस्टम मौके पर टेस्ट किए जाते हैं?
- क्या अस्पताल और होटल सिर्फ कागजी सुरक्षा के भरोसे चल रहे हैं?
- क्या दमकल और आपातकालीन संसाधन पूरी तरह तैयार हैं?
इन सवालों के बाद प्रशासन का यह निरीक्षण जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्या अब पूरे जिले में चलेगा अभियान?
अब लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ एक संस्थान तक सीमित रहेगी या जिलेभर के अस्पतालों, होटलों, लॉज, मैरिज गार्डन और अन्य भीड़भाड़ वाले संस्थानों में भी व्यापक फायर सेफ्टी जांच अभियान चलाया जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे निरीक्षण नियमित रूप से होते रहें और कमियों पर समयबद्ध कार्रवाई हो, तो संभावित हादसों को रोका जा सकता है।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन एवं संबंधित स्टाफ मौजूद रहा। जानकारी तहसीलदार श्री संजय मालवीय द्वारा दी गई।
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