नीमच। नीमच जिले के 44 शासकीय सेवकों को पदोन्नति का लाभ मिला है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देशन में मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के तहत विभिन्न विभागों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति प्रदान की गई है। जिला प्रशासन के अनुसार पूरी प्रक्रिया शासन के निर्देशों, प्रचलित नियमों और माननीय न्यायालय के आदेशों के अनुरूप पारदर्शी एवं नियमानुसार संपन्न की गई।
जारी आदेशों के मुताबिक पदोन्नति प्राप्त सभी कर्मचारियों को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से उच्च पद पर पदस्थ किया गया है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी कर्मचारी अपने वर्तमान पदस्थापना स्थल पर ही उच्च पद का कार्यभार संभालेंगे।
विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक में लिया गया निर्णय
प्रशासन के अनुसार 16 जुलाई 2026 को अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश की अध्यक्षता में विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में पात्र कर्मचारियों के सेवा अभिलेख, शैक्षणिक योग्यता तथा सेवा विवरण का परीक्षण किया गया। समिति द्वारा की गई अनुशंसाओं के आधार पर कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने विभिन्न संवर्गों में पदोन्नति आदेश जारी किए।
किन-किन पदों पर हुई पदोन्नति
जारी आदेशों के अनुसार कुल 44 कर्मचारियों को विभिन्न पदों पर पदोन्नत किया गया है।
इनमें—
- 25 कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-02 (लेवल-06)
- 10 कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-03 (लेवल-04)
- 8 कर्मचारियों को जमादार पद
- 1 कर्मचारी धर्मेन्द्र सोनी को चपरासी से भृत्य संवर्ग के लेवल-02 पद पर पदोन्नत किया गया है।
सभी कर्मचारियों को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से उच्च पद का दायित्व सौंपा जाएगा।
वेतन निर्धारण को लेकर भी जारी किए गए निर्देश
पदोन्नति आदेश में वेतन निर्धारण को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन के अनुसार जिन कर्मचारियों को पहले से पदोन्नति के आधार पर स्वीकृत उच्च वेतनमान प्राप्त हो चुका है, उन्हें छोड़कर अन्य सभी कर्मचारियों को नियमानुसार एक माह के भीतर वेतन निर्धारण का विकल्प प्रस्तुत करना होगा।
यह प्रक्रिया मध्यप्रदेश शासन के लागू नियमों के अनुरूप पूरी की जाएगी।
किन परिस्थितियों में निरस्त हो सकती है पदोन्नति
जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी कर्मचारी के संबंध में बाद में प्रतिकूल तथ्य सामने आते हैं तो पदोन्नति स्वतः निरस्त मानी जाएगी। ऐसी परिस्थितियों में शामिल हैं—
- विभागीय जांच लंबित होना अथवा प्रतिकूल निष्कर्ष
- न्यायालयीन प्रकरण से संबंधित प्रतिकूल स्थिति
- शैक्षणिक योग्यता संबंधी गलत या अपूर्ण जानकारी
- अन्य तथ्य जो नियमों के विपरीत पाए जाएं
प्रशासन ने यह भी कहा है कि पूरी प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी सभी प्रावधानों का नियमानुसार पालन सुनिश्चित किया गया है।
सहायक ग्रेड-03 के लिए शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य
सहायक ग्रेड-03 पद पर पदोन्नत कर्मचारियों के लिए मध्यप्रदेश राजस्व सेवा भर्ती नियम, 2017 के तहत निर्धारित शैक्षणिक योग्यता का पालन अनिवार्य रहेगा। इसके तहत कर्मचारियों को—
- 10+2 उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
- शासन से मान्यता प्राप्त संस्थान से कंप्यूटर संबंधी योग्यता अथवा वैध CPCT स्कोर कार्ड होना अनिवार्य होगा।
यदि किसी कर्मचारी के पास निर्धारित योग्यता उपलब्ध नहीं है तो उसे दो वर्ष के भीतर यह योग्यता प्राप्त करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर नियमानुसार मूल पद पर प्रत्यावर्तन की कार्रवाई की जाएगी।
वर्तमान पदस्थापना स्थल पर ही संभालेंगे जिम्मेदारी
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा द्वारा जारी आदेशों के अनुसार सभी पदोन्नत कर्मचारी अपने वर्तमान पदस्थापना स्थल पर ही उच्च पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे। कार्यभार ग्रहण करते ही उन्हें निम्न पद के दायित्वों से तत्काल प्रभाव से मुक्त माना जाएगा। प्रशासन ने कहा है कि पूरी पदोन्नति प्रक्रिया योग्यता, सेवा अभिलेखों, शासन के निर्देशों और लागू नियमों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है।
प्रशासन ने पारदर्शी प्रक्रिया पर दिया जोर
जिला प्रशासन के मुताबिक विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा, कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड और निर्धारित पात्रता के आधार पर ही पदोन्नति आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया में शासन के प्रचलित नियमों तथा न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया गया है।
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