नीमच: जिले के ग्राम नवलपुरा (लोलपुरा) और सरवानिया बोर के ग्रामीण शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने कलेक्टर हिमांशु चंद्रा को ज्ञापन सौंपकर पारंपरिक रास्ते पर किए गए कथित कब्जे को हटाने और मामले में कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों के अनुसार रास्ता बंद होने से तीन गांवों के किसानों और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि खेतों तक पहुंचने और कृषि कार्य करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण रास्ता विवाद में फेंसिंग का आरोप
ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि ग्राम लोलपुरा से नेवड आने-जाने के लिए वर्षों से सर्वे नंबर 691/1 स्थित रास्ते का उपयोग किया जाता रहा है। यह मार्ग सरवानिया बोर क्षेत्र में स्थित है और तीन गांवों को जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग माना जाता है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि 7 मई 2026 को गांव के कुछ लोगों ने इस रास्ते पर सीमेंट के खंभे लगाकर कटीले तारों से घेराबंदी कर दी। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ट्रैक्टर से रास्ते की जमीन जोतकर उसे खेत में मिला लिया गया।
किसानों को हो रही परेशानी
ग्रामीणों के मुताबिक रास्ता बंद होने के कारण किसानों को खेतों तक पहुंचने, कृषि उपकरण ले जाने और रोजमर्रा के कार्यों में दिक्कत आ रही है। उनका कहना है कि यह रास्ता लोलपुरा, सरवानिया बोर और नेवड गांव के लोगों के लिए वर्षों पुराना संपर्क मार्ग रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सर्वे नंबर 18 शासकीय नाला है, जहां से बारिश का पानी निकलता है। आरोप है कि अब कुछ लोग निजी जमीनों से नया रास्ता निकालने का दबाव बना रहे हैं।
राजस्व और पुलिस टीम भेजने की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की जांच के लिए राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर भेजी जाए। साथ ही सर्वे नंबर 691/1 से कथित अवैध फेंसिंग और खंभे हटाकर पुराने रास्ते को दोबारा चालू कराया जाए, ताकि ग्रामीणों और किसानों को राहत मिल सके।
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