नीमच। नीमच औद्योगिक विकास को पिछले दो वर्षों में नई गति मिली है। जिले में 350 से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनमें 350 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है और 8 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं। वहीं विभिन्न प्रस्तावित औद्योगिक इकाइयों के जरिए 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक के संभावित निवेश और 6 हजार से अधिक नए रोजगार की संभावना सामने आई है।
पारंपरिक कृषि और व्यापार आधारित अर्थव्यवस्था के साथ नीमच औद्योगिक विकास की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार निवेश, उत्पादन, उद्यमिता और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार हुआ है।
350 से अधिक MSME इकाइयां स्थापित
पिछले दो वर्षों में जिले में 350 से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं। इन इकाइयों में 350 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है। इनके माध्यम से 8 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिलने की जानकारी दी गई है। औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने का प्रभाव परिवहन, निर्माण, स्थानीय आपूर्ति, व्यापार और सेवा क्षेत्र पर भी पड़ा है। इससे जिले में उद्योगों से जुड़े अन्य आर्थिक क्षेत्रों के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।
नए औद्योगिक क्षेत्रों में 400 से अधिक भूखंड
जिले में औद्योगिक अधोसंरचना के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है। सगराना और पीताखेड़ी में नए औद्योगिक क्षेत्रों को मंजूरी मिल चुकी है। इन दोनों क्षेत्रों में निवेशकों के लिए 400 से अधिक औद्योगिक भूखंड उपलब्ध होंगे। इससे आने वाले समय में नए उद्योगों की स्थापना और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
राज्य की क्लस्टर विकास योजना के तहत केसरपुरा और सगराना क्लस्टर तैयार हो चुके हैं। वहीं ग्राम दारू में क्लस्टर विकास का कार्य जारी है। क्लस्टर आधारित विकास से स्थानीय उद्यमियों को साझा अधोसंरचना, बाजार और तकनीकी सुविधाओं का लाभ मिलने की संभावना है।
₹7 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव
नीमच के औद्योगिक भविष्य को लेकर बड़े निवेशकों की रुचि भी सामने आई है। एमपीआईडीसी द्वारा गोल्ड क्रेस्ट सीमेंट, सनलाइट एल्कोलाइट, स्वराज शूटिंग, सुविधा रियॉन, विश्वेश्वरया डेनिम्स, बाबजी इंडस्ट्री, डिटलमाइंड इंडिया, सोनियाना टेक्सटाइल, धानुका बायोटेक, बिगासी रिन्यूवल और शर्मा केमिकल्स सहित विभिन्न प्रस्तावित औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया की गई है।
इन प्रस्तावित इकाइयों से 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक के संभावित निवेश और 6 हजार से अधिक नए रोजगार सृजित होने की संभावना बताई गई है। विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आने से जिले के औद्योगिक आधार में विविधता बढ़ने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
MSME को ₹1,276 करोड़ तक का ऋण
स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को उद्योग एवं व्यवसाय शुरू करने तथा मौजूदा इकाइयों के विस्तार के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में एमएसएमई इकाइयों को बैंकों के माध्यम से 1081 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया। वर्ष 2025-26 में यह राशि बढ़कर 1276 करोड़ रुपये रही। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत वर्ष 2023-24 से अब तक 812 हितग्राहियों को 67.34 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया है। इससे युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला है।
प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने पर जोर
औद्योगिक विकास को प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ बनाने के लिए उद्यमियों को तकनीकी प्रशिक्षण और राष्ट्रीय स्तर के बाजारों से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। रैम्प योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के चार उद्यमियों को सीएफटीआरआई, मैसूर भेजा गया। वहीं एक उद्यमी ने कोयंबटूर में आयोजित प्लास्टिक एक्सपो में सहभागिता की। मोरका (जावद) औद्योगिक क्षेत्र में 15 उद्यमियों को ऑनलाइन एवं पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से औद्योगिक भूखंड आवंटित किए गए हैं।
जिला प्रशासन की भूमिका
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने, विभागीय समन्वय और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण पर काम किया जा रहा है। प्रशासन का जोर उद्योगों की स्थापना को आसान बनाने, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर है।
नीमच के औद्योगिक विस्तार की तस्वीर
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार नीमच औद्योगिक विकास की मौजूदा तस्वीर में तीन प्रमुख आंकड़े सामने आते हैं—
- 350+ नई MSME इकाइयां स्थापित
- ₹350 करोड़+ का निवेश
- 8 हजार+ रोजगार के अवसर
- ₹7 हजार करोड़+ संभावित निवेश प्रस्ताव
- 6 हजार+ संभावित नए रोजगार
- 400+ औद्योगिक भूखंड नए क्षेत्रों में उपलब्ध होने की संभावना
औद्योगिक अधोसंरचना का विस्तार, एमएसएमई को वित्तीय सहयोग, क्लस्टर विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और पारदर्शी भूखंड आवंटन जैसे प्रयासों से जिले में औद्योगिक गतिविधियों को नई दिशा मिलने की बात सामने आई है।
औद्योगिक भविष्य की नई तस्वीर
नीमच में स्थापित हो चुकी एमएसएमई इकाइयों के साथ प्रस्तावित बड़े निवेश जिले के औद्योगिक विस्तार की संभावनाओं को दर्शाते हैं। हालांकि प्रस्तावित निवेश और रोजगार के आंकड़े संभावित हैं; इनका वास्तविक स्वरूप संबंधित परियोजनाओं की स्थापना और क्रियान्वयन के बाद स्पष्ट होगा।
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