नीमच । मध्य प्रदेश के नीमच शहर की जैन कॉलोनी में अवैध अतिक्रमण को लेकर हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। लंबे समय से चल रहे इस विवाद ने अब बड़ा रूप ले लिया है, जिससे नाराज रहवासियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
कॉलोनी की निवासी नैंसी पोरवाल सहित कई लोगों ने प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि जिस भूमि को सार्वजनिक उपयोग के लिए छोड़ा गया था, वहां अब धीरे-धीरे अवैध अतिक्रमण कर निजी उपयोग किया जा रहा है। यह मामला अब केवल जमीन के कब्जे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे कॉलोनी के सामाजिक और दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहा है।
धीरे-धीरे बढ़ा अवैध अतिक्रमण
रहवासियों के अनुसार, कॉलोनी के निर्माण के समय कुछ स्थान बच्चों के खेलने, सामूहिक आयोजनों और पार्किंग के लिए निर्धारित किए गए थे। लेकिन बीते कुछ वर्षों में इन जगहों पर धीरे-धीरे अवैध अतिक्रमण शुरू हो गया।
पहले छोटे हिस्से पर कब्जा किया गया, जिसे लोगों ने गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन बाद में यह बढ़कर लगभग 12 फीट तक फैल गया। इस जगह पर टाइल्स लगाकर स्थायी निर्माण जैसा रूप दे दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट है कि अवैध अतिक्रमण सुनियोजित तरीके से किया गया।
विरोध पर मिलती है धमकी
रहवासियों का आरोप है कि जब भी वे इस अवैध अतिक्रमण का विरोध करते हैं, तो संबंधित लोग अभद्र व्यवहार करते हैं और खुलेआम धमकी देते हैं। इससे कॉलोनी के कई लोग डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
सामाजिक जीवन पर असर
इस अवैध अतिक्रमण का सबसे बड़ा असर कॉलोनी के सामाजिक जीवन पर पड़ा है। रहवासियों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से वे होली जैसे त्योहार भी सामूहिक रूप से नहीं मना पा रहे हैं। बच्चों के खेलने के लिए सुरक्षित स्थान भी खत्म हो चुका है।
रोजमर्रा की परेशानियां
स्थिति अब इतनी बिगड़ गई है कि अतिक्रमण करने वाले लोग रहवासियों के घरों के सामने वाहन खड़े कर देते हैं। इससे आवागमन बाधित होता है और कई बार आपातकालीन स्थिति में भी समस्या खड़ी हो जाती है। यह अवैध अतिक्रमण अब सीधे तौर पर लोगों की दैनिक जिंदगी को प्रभावित कर रहा है।
प्रशासन से की गई मांग
जैन कॉलोनी के रहवासियों ने प्रशासन से स्पष्ट रूप से मांग की है:
- सार्वजनिक भूमि से तुरंत अवैध अतिक्रमण हटाया जाए
- दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
- कॉलोनी में सुरक्षा और शांति सुनिश्चित की जाए
- भविष्य में ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए निगरानी बढ़ाई जाए
- प्रभावित क्षेत्र को फिर से सार्वजनिक उपयोग के लिए विकसित किया जाए
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
रहवासियों का कहना है कि यदि शुरुआती स्तर पर ही अवैध अतिक्रमण को रोका जाता, तो आज यह स्थिति नहीं बनती। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है।
फिलहाल, कॉलोनी के लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी शिकायत पर जल्द कार्रवाई होगी और उन्हें राहत मिलेगी।
ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।






