नीमच। शहर के सीआरपीएफ रोड स्थित लायंस पार्क क्षेत्र में लायंस पार्क अवैध वसूली का मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है। यहां वर्षों से फास्ट फूड और जूस का काम करने वाले ठेला संचालकों ने उत्पीड़न और दबाव की शिकायत करते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। मामला अब केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छोटे व्यापारियों के अस्तित्व का सवाल बन गया है।
वर्षों से कर रहे थे वैध व्यवसाय
पीड़ित व्यापारियों का कहना है कि वे लंबे समय से इसी क्षेत्र में मेहनत कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। उन्होंने नियमों के तहत बिजली विभाग से अस्थायी कनेक्शन लिया हुआ था और समय पर बिल का भुगतान भी किया जा रहा था।
इसके अलावा नगर पालिका द्वारा वसूले जाने वाले शुल्क का भी नियमित भुगतान किया जा रहा था। बावजूद इसके, लायंस पार्क अवैध वसूली के कारण उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पैसे नहीं दिए तो शुरू हुआ दबाव और धमकियां
व्यापारियों के अनुसार, क्षेत्र के एक व्यक्ति द्वारा उनसे बार-बार अवैध रूप से पैसे मांगे जा रहे थे। जब उन्होंने इस मांग को मानने से इनकार किया, तो स्थिति बिगड़ने लगी। आरोप है कि इसके बाद उन्हें लगातार धमकियां दी गईं और मानसिक रूप से परेशान किया गया।
यह पूरा मामला लायंस पार्क अवैध वसूली से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें जबरन दबाव बनाकर पैसा वसूलने की कोशिश की गई।
बिजली कनेक्शन कटने से कारोबार ठप
पीड़ितों ने बताया कि झूठी शिकायतों के आधार पर उनका बिजली कनेक्शन कटवा दिया गया। बिजली कटते ही जूस मशीन, लाइट और अन्य उपकरण बंद हो गए, जिससे उनका पूरा व्यवसाय रुक गया।
लायंस पार्क अवैध वसूली का यह असर सीधे उनकी रोजी-रोटी पर पड़ा है, जिससे कई परिवार आर्थिक संकट में आ गए हैं।
विरोध करने पर अभद्रता और ठेले हटाने की धमकी
व्यापारियों का कहना है कि जब उन्होंने इस अन्याय का विरोध किया, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इतना ही नहीं, उन्हें ठेले हटाने की धमकी भी दी गई। इस घटनाक्रम ने लायंस पार्क अवैध वसूली के मामले को और गंभीर बना दिया है, क्योंकि अब यह केवल आर्थिक शोषण नहीं बल्कि सामाजिक दबाव का रूप ले चुका है।
कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार
पीड़ित ठेला संचालकों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर जिला कलेक्टर को लिखित आवेदन सौंपा है। उन्होंने मांग की है कि उनका बिजली कनेक्शन तुरंत बहाल किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लायंस पार्क अवैध वसूली के इस मामले में प्रशासन की भूमिका अब बेहद अहम हो गई है।
छोटे व्यापारियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने शहर में छोटे व्यापारियों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि लायंस पार्क अवैध वसूली जैसे मामले लगातार बढ़ते रहे, तो छोटे कारोबारियों के लिए काम करना मुश्किल हो जाएगा। इसका असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
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