नीमच (Neemuch News): नीमच के मनासा रोड स्थित मंगलम रिसोर्ट में शनिवार शाम एक शादी समारोह के दौरान पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हो गया। बिन्दौली कार्यक्रम के दौरान हुए इस विवाद ने कुछ ही देर में हिंसक रूप ले लिया, जिससे समारोह में मौजूद बारातियों और मेहमानों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलने पर सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुँची और कार्रवाई शुरू की।
पुलिस के अनुसार, उज्जैन से शादी समारोह में शामिल होने आए नरेंद्र बागवान ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया कि शनिवार शाम करीब सवा चार बजे बिन्दौली चल रही थी, तभी आरोपी हेमंत गौड़ और कुंदन माली ने पुरानी रंजिश के चलते उनसे विवाद शुरू कर दिया।
गाली-गलौज के बाद मारपीट तक पहुँचा मामला
फरियादी नरेंद्र बागवान के मुताबिक आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की। विरोध करने पर मुख्य आरोपी हेमंत गौड़ ने उन पर हमला करने का प्रयास किया। इसी दौरान आरोपी के साथ मौजूद सुनील मेघवाल ने लोहे की रॉड से नरेंद्र के सिर पर वार कर दिया।

नरेंद्र ने हाथ अड़ाकर सिर बचाने की कोशिश की, जिससे रॉड उनके सिर के बजाय बाईं पसली पर लगी। घटना के बाद रिसोर्ट परिसर में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद अन्य आरोपी भी लाठियाँ और लोहे की रॉड लेकर रिसोर्ट के अंदर पहुँच गए।
बारातियों में मची भगदड़, हमलावर मौके से फरार
मारपीट और हंगामे के कारण शादी समारोह में मौजूद बारातियों और मेहमानों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, जिसके बाद हमलावर घबरा गए।

फरियादी के अनुसार, मारपीट के दौरान उनकी सोने की चेन भी गायब हो गई या कहीं गिर गई। घटना के बाद आरोपी अपनी चप्पलें और एक ईको कार रिसोर्ट परिसर में ही छोड़कर मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने जब्त की ईको कार
घटना की जानकारी मिलते ही सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने आरोपियों द्वारा छोड़ी गई ईको कार को जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई।
सिटी थाना पुलिस के मुताबिक फरियादी नरेंद्र बागवान की शिकायत पर मुख्य आरोपी हेमंत गौड़, सुनील मेघवाल और उनके अन्य साथियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
आरोपियों की तलाश में दबिश
पुलिस ने बताया कि घटना के बाद से आरोपी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान भी कर रही है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, शादी समारोह जैसे सार्वजनिक आयोजनों में इस तरह की हिंसक घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है कि विवाद की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें कितने लोग शामिल थे।
समारोह में मौजूद लोगों में बना रहा डर का माहौल
घटना के बाद शादी समारोह में शामिल लोगों में डर और तनाव का माहौल बना रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक हुए हमले से कई लोग घबरा गए थे। घटना के समय रिसोर्ट में बड़ी संख्या में महिलाएँ और बच्चे भी मौजूद थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शादी समारोह के दौरान हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास जारी है।
क्या शहर के रिसोर्ट्स में सुरक्षा सिर्फ नाम की?
नीमच के मनासा रोड स्थित मंगलम रिसोर्ट में शादी समारोह के दौरान हुई मारपीट की घटना ने शहर के रिसोर्ट्स और मैरिज गार्डनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखों रुपये किराया और बुकिंग शुल्क लेने वाले इन आयोजनों में सुरक्षा इंतजाम आखिर कितने मजबूत हैं, यह घटना उसी की तस्वीर दिखाती है।
शनिवार को शादी समारोह के बीच रिसोर्ट परिसर में लाठी और लोहे की रॉड लेकर लोगों के घुसने की घटना ने मेहमानों और बारातियों में दहशत फैला दी। सवाल यह है कि यदि किसी आयोजन स्थल में बाहरी लोग हथियारनुमा सामान लेकर आसानी से प्रवेश कर रहे हैं, तो वहां मौजूद महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
सुरक्षा गार्ड और एंट्री सिस्टम पर सवाल
शहर के अधिकांश रिसोर्ट्स और मैरिज गार्डनों में लाखों रुपये की बुकिंग ली जाती है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कई जगह केवल औपचारिक व्यवस्थाएं ही दिखाई देती हैं। कई आयोजनों में न तो पर्याप्त सिक्योरिटी गार्ड रहते हैं और न ही मेहमानों की एंट्री की कोई सख्त व्यवस्था होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े आयोजनों में अक्सर सैकड़ों लोग शामिल होते हैं, लेकिन सुरक्षा प्रबंधन को लेकर स्पष्ट नियमों का पालन नहीं दिखता। ऐसे में विवाद होने पर स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है।
प्रशासन से सख्त गाइडलाइन की मांग
घटना के बाद शहर में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि प्रशासन को रिसोर्ट्स और मैरिज गार्डनों के लिए सुरक्षा संबंधी सख्त गाइडलाइन लागू करनी चाहिए। बड़े आयोजनों में सीसीटीवी मॉनिटरिंग, प्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड, इमरजेंसी रिस्पॉन्स और एंट्री कंट्रोल जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य किए जाने की मांग उठ रही है।
जिम्मेदारी तय होना जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी आयोजन स्थल की जिम्मेदारी केवल जगह उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हो सकती। आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। यदि सुरक्षा में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित प्रबंधन की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमले में शामिल आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं इस घटना ने शहर के रिसोर्ट्स की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।
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