नीमच। राजस्थान और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाली नई नीमच रेल लाइन परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंचती नजर आ रही है। बड़ी सादड़ी से नीमच के बीच तैयार किए गए नए रेल ट्रैक का 11 जून को कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण सफल रहने के बाद इस रूट पर ट्रेनों के संचालन की प्रक्रिया तेज हो सकती है।
15 किलोमीटर ट्रैक का होगा निरीक्षण
रेलवे विभाग के मुताबिक बड़ी सादड़ी से जलोदा जागीर स्टेशन तक करीब 15 किलोमीटर लंबे ट्रैक की सुरक्षा जांच की जाएगी। इससे पहले ट्रैक पर स्पीड ट्रायल भी पूरा किया जा चुका है। ट्रायल के दौरान सामने आई छोटी तकनीकी कमियों को सुधारने का काम जारी है। अधिकारियों का कहना है कि CRS निरीक्षण के दौरान ट्रैक की मजबूती, सिग्नलिंग और सुरक्षा मानकों को परखा जाएगा।
यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा
नई नीमच रेल लाइन शुरू होने के बाद उदयपुर, बड़ी सादड़ी और नीमच के बीच यात्रा आसान और तेज हो जाएगी। वर्तमान में मध्य प्रदेश की ओर जाने वाली अधिकांश ट्रेनें चित्तौड़गढ़ मार्ग से होकर गुजरती हैं, जिससे यात्रियों को अधिक समय लगता है। नई रेल लाइन चालू होने के बाद ट्रेनों का संचालन सीधे मावली जंक्शन के रास्ते किया जा सकेगा। इससे यात्रियों के समय और खर्च दोनों में कमी आएगी।
495 करोड़ की परियोजना पर तेजी से काम
करीब 49 किलोमीटर लंबी इस नीमच रेल लाइन परियोजना का निर्माण जनवरी 2024 में शुरू हुआ था। लगभग 495 करोड़ रुपए की लागत वाली इस योजना का करीब 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। परियोजना के तहत एक रोड ओवर ब्रिज (ROB), 11 बड़े पुल और 78 छोटे पुलों का निर्माण किया जा रहा है। रेलवे विभाग का कहना है कि सभी कार्य सुरक्षा मानकों के अनुसार किए जा रहे हैं।
व्यापार और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार नई नीमच रेल लाइन शुरू होने के बाद राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच व्यापारिक गतिविधियों को बड़ा फायदा मिलेगा। स्थानीय व्यापारियों और यात्रियों को लंबे समय से इस परियोजना का इंतजार था। रेल संपर्क बेहतर होने से माल परिवहन और आवागमन दोनों पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हो सकेंगे।
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