शहडोल: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में एक प्रधान आरक्षक के निलंबन का मामला अब सोशल मीडिया पर खुली बहस में बदल गया है। यातायात थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी द्वारा फेसबुक पर भावुक पोस्ट साझा किए जाने के बाद शहडोल पुलिस ने भी अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर लंबा जवाब जारी किया है। दोनों पक्षों के सार्वजनिक बयानों के बाद यह विवाद लगातार नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है।
ताजा घटनाक्रम में प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी ने खुद को “बिना सूचना गैरहाजिर नहीं” बताते हुए स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला दिया, जबकि शहडोल पुलिस ने अपनी पोस्ट में विभागीय अनुशासन और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
“तीन दिन और तीन रात नहीं सोया…” विवेकानंद तिवारी का दावा
प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि पिछले तीन महीने से वे मानसिक तनाव, घबराहट, बेचैनी और अनिद्रा जैसी समस्याओं से परेशान थे। उन्होंने दावा किया कि किसी सड़क दुर्घटना के बाद उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई थी।
तिवारी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि 19 मई 2026 को उन्होंने मोबाइल फोन के जरिए यातायात थाना को सूचना दी थी कि उनकी तबीयत खराब है और वे मेडिकल कॉलेज जा रहे हैं। उनके अनुसार, उस समय वे लगातार तीन दिन और तीन रात तक नहीं सो पाए थे।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में मनोचिकित्सक से परामर्श लेने के बाद उन्हें दवाइयां दी गईं और डॉक्टर ने एक सप्ताह तक आराम की सलाह दी। तिवारी के मुताबिक, मेडिकल पर्ची संबंधित व्हाट्सएप ग्रुप में दोपहर 12:17 बजे साझा की गई थी, जिसमें पुलिस अधीक्षक भी जुड़े हुए थे।
प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी ने पोस्ट में यह भी लिखा कि इसके बावजूद उनकी ड्यूटी दोपहर 2 बजे जय स्तंभ चौक पर लगा दी गई और बाद में उन्हें ड्यूटी से गैरहाजिर दर्ज कर लिया गया। उन्होंने कहा कि वे इन बातों को सार्वजनिक नहीं करना चाहते थे और विभाग की गरिमा का सम्मान करते हैं, लेकिन मजबूरी में उन्हें दस्तावेज सार्वजनिक करने पड़े।
फिर आया शहडोल पुलिस का जवाब
विवेकानंद तिवारी की पोस्ट वायरल होने के बाद शहडोल पुलिस ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर “प्र.आर. विवेकानंद के निलंबन पर तथ्यात्मक जानकारी” शीर्षक से विस्तृत पोस्ट जारी की।
पुलिस विभाग ने लिखा कि विभिन्न प्लेटफॉर्म पर निलंबित प्रधान आरक्षक के समर्थकों की प्रतिक्रियाओं को देखते हुए नागरिकों को भी विभागीय कार्रवाई की पृष्ठभूमि की जानकारी देना आवश्यक है।
पोस्ट में कहा गया कि प्रत्येक शासकीय कर्मचारी से अपेक्षा की जाती है कि वह निर्धारित समय पर ड्यूटी पर पहुंचे और शासन के लिए निर्धारित समय तक सेवाएं दे।
सोशल मीडिया से “निजी आय” का आरोप
शहडोल पुलिस ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि लंबे समय से विभिन्न स्रोतों से यह जानकारी मिल रही थी कि विवेकानंद तिवारी सोशल मीडिया पर अपनी लोकप्रियता का उपयोग निजी और पारिवारिक आय के स्रोत के रूप में कर रहे थे। विभाग के अनुसार, इसके लिए निजी तौर पर वीडियोग्राफर और फिल्मांकन के लिए प्राइवेट व्यक्ति को भी रखा गया था। पोस्ट में कहा गया कि इसकी पुष्टि की जा रही है।
शहडोल पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि शासकीय ड्यूटी छोड़कर निजी वीडियो शूटिंग करना शासकीय कार्य नहीं माना जा सकता।
“लोकप्रियता का मतलब ड्यूटी से छूट नहीं”
पुलिस विभाग ने अपनी पोस्ट में कहा कि यह शहडोल पुलिस के लिए गर्व की बात है कि विभाग का एक प्रधान आरक्षक जनता के बीच लोकप्रिय है, लेकिन लोकप्रियता किसी भी शासकीय कर्मचारी को अपने दायित्वों से मनमर्जी से अनुपस्थित रहने का अधिकार नहीं देती।
पोस्ट में यह भी कहा गया कि यदि विवेकानंद तिवारी सोशल मीडिया और जनजागरूकता के क्षेत्र में कार्य करना चाहते हैं, तो उन्हें मीडिया सेल शहडोल या भोपाल स्थित सोशल मीडिया सेल में अपनी सेवाएं देने के लिए आगे आना चाहिए। विभाग ने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा कि बिना शासकीय कार्य के वेतन प्राप्त करना न तो वैधानिक रूप से संभव है और न ही नैतिक रूप से उचित।
सोशल मीडिया पर दो हिस्सों में बंटे लोग
यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग दो हिस्सों में बंटे दिखाई दे रहे हैं। कुछ लोग प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी के स्वास्थ्य संबंधी दावों के समर्थन में टिप्पणी कर रहे हैं, जबकि कई लोग पुलिस विभाग के अनुशासन संबंधी तर्कों को सही बता रहे हैं। फेसबुक पर दोनों पक्षों की पोस्ट तेजी से शेयर की जा रही हैं। मामले को लेकर लगातार नई प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
अब आगे क्या?
फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया से निकलकर व्यापक सार्वजनिक चर्चा का विषय बन चुका है। हालांकि, विभागीय स्तर पर आगे क्या कार्रवाई होगी या जांच किस दिशा में जाएगी, इसे लेकर अभी कोई नई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि शहडोल पुलिस महकमे का यह विवाद आने वाले दिनों में और भी सुर्खियां बटोर सकता है।
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