PPF अकाउंट से बच्चे के लिए बनाएं लाखों का फंड, ₹500 से खोले
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
25 अगस्त 2026, (अपडेटेड 25 अगस्त 2026, 3:26 अपराह्न IST)

बच्चे के भविष्य के लिए निवेश शुरू करने वाले माता-पिता उसके नाम पर पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी PPF अकाउंट खोल सकते हैं। इस योजना में खाता ₹500 से शुरू किया जा सकता है, जबकि अभी 7.1% सालाना ब्याज दिया जा रहा है। PPF अकाउंट की मैच्योरिटी अवधि 15 साल होती है और जरूरत के मुताबिक इसे आगे 5-5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।

नाबालिग के नाम पर खोले गए PPF अकाउंट में निवेश के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियम लागू होते हैं। इनमें खाता खोलने की पात्रता, अभिभावक की भूमिका, सालाना जमा सीमा, बच्चे के बालिग होने के बाद खाते का संचालन और टैक्स छूट शामिल हैं।

बच्चे के लिए PPF अकाउंट कौन खोल सकता है?

नाबालिग बच्चे का PPF अकाउंट उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक की ओर से खोला और संचालित किया जा सकता है। कोई भी व्यक्ति अपने नाम पर पोस्ट ऑफिस या बैंक में PPF अकाउंट खोल सकता है। इसके अलावा नाबालिग की ओर से भी PPF खाता खोला जा सकता है।

नियमों के मुताबिक, एक व्यक्ति अपने नाम पर केवल एक PPF अकाउंट रख सकता है। हालांकि, अपने खाते के अलावा वह नाबालिग बच्चे के नाम पर एक अलग PPF अकाउंट खोल सकता है। इसका मतलब है कि माता-पिता अपने व्यक्तिगत PPF खाते के साथ बच्चे के नाम पर भी खाता संचालित कर सकते हैं।

एक ही बच्चे के नाम पर एक अभिभावक का खाता

एक अभिभावक एक ही बच्चे के नाम पर PPF अकाउंट खोल सकता है। यदि किसी परिवार में दो नाबालिग बच्चे हैं, तो एक बच्चे के नाम पर मां और दूसरे बच्चे के नाम पर पिता PPF अकाउंट खोल सकते हैं। इस तरह दोनों बच्चों के नाम पर अलग-अलग खाते संचालित किए जा सकते हैं।

यह व्यवस्था उस स्थिति में लागू होती है जब माता-पिता दोनों अपने-अपने नाम पर PPF अकाउंट रखते हों और बच्चों के लिए अलग-अलग खाते खोलना चाहते हों। खाते के संचालन की जिम्मेदारी बच्चे के नाबालिग रहने तक माता-पिता या कानूनी अभिभावक की रहती है।

PPF खाते में कितनी रकम जमा कर सकते हैं?

नाबालिग के PPF अकाउंट में एक वित्त वर्ष के दौरान कम से कम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख जमा किए जा सकते हैं। यह सीमा बच्चे के खाते पर भी लागू होती है। हालांकि, यदि माता-पिता का अपना PPF अकाउंट भी है, तो उनके व्यक्तिगत खाते और नाबालिग बच्चे के खाते में किए गए कुल निवेश की अधिकतम सीमा ₹1.5 लाख सालाना ही रहेगी।

उदाहरण के तौर पर, यदि कोई अभिभावक अपने PPF खाते में एक वित्त वर्ष के दौरान ₹1 लाख और बच्चे के PPF अकाउंट में ₹80 हजार जमा करता है, तो दोनों खातों में कुल जमा ₹1.8 लाख हो जाएगी। PPF नियमों के तहत ₹1.5 लाख तक की रकम ही मान्य होगी। अतिरिक्त ₹30 हजार पर PPF दर से ब्याज नहीं मिलेगा और उस पर टैक्स लाभ भी नहीं मिलेगा।

इसलिए बच्चे के नाम पर PPF अकाउंट खोलते समय परिवार के अन्य PPF निवेश को ध्यान में रखना जरूरी है। इससे कुल सालाना जमा सीमा से अधिक निवेश होने की स्थिति से बचा जा सकता है।

18 साल की उम्र के बाद बच्चा संभाल सकता है खाता

बच्चे के 18 साल का होने के बाद PPF अकाउंट का स्टेटस माइनर से मेजर करने के लिए आवेदन देना होगा। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद बालिग हो चुका बच्चा अपना PPF अकाउंट खुद संचालित कर सकता है।

नाबालिग रहते हुए खाते का संचालन माता-पिता या कानूनी अभिभावक करते हैं। बालिग होने के बाद खाते की जिम्मेदारी बच्चे के पास आ जाती है। इसलिए 18 साल की उम्र पूरी होने पर खाते का स्टेटस बदलवाने के लिए आवेदन करना आवश्यक होगा।

15 साल में मैच्योर होता है PPF अकाउंट

PPF अकाउंट की मैच्योरिटी अवधि 15 साल है। अवधि पूरी होने के बाद खाताधारक पूरा पैसा निकाल सकता है। यदि मैच्योरिटी के समय रकम की जरूरत नहीं है, तो खाते को 5-5 साल के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है।

इस सुविधा के कारण बच्चे के नाम पर खोला गया PPF अकाउंट लंबे समय के वित्तीय लक्ष्य के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। माता-पिता नियमित रूप से रकम जमा कर बच्चे की शिक्षा या अन्य भविष्य की जरूरतों के लिए फंड तैयार कर सकते हैं। हालांकि, निवेश की वास्तविक राशि ब्याज दर और जमा की गई रकम पर निर्भर करेगी।

PPF निवेश पर टैक्स छूट का लाभ

PPF को इनकम टैक्स की EEE कैटेगरी में रखा गया है। इसमें किए गए निवेश पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है। इसके अलावा योजना से मिलने वाले ब्याज और निवेश की पूरी राशि पर भी टैक्स नहीं देना होता।

पुरानी इनकम टैक्स व्यवस्था के तहत इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C में सालाना ₹1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट का दावा किया जा सकता है। वहीं, नई टैक्स व्यवस्था चुनने वालों को धारा 80C के तहत मिलने वाला यह लाभ नहीं मिलता।

इसलिए PPF में निवेश करने से पहले यह देखना जरूरी है कि निवेशक ने कौन-सी इनकम टैक्स व्यवस्था चुनी है। बच्चे के नाम पर किए गए निवेश और अभिभावक के अपने PPF खाते में जमा रकम की कुल सीमा भी ध्यान में रखनी होगी।

हर महीने ₹1,000 से बन सकता है लाखों का फंड

यदि कोई अभिभावक बच्चे के नाम पर हर महीने ₹1,000 PPF में जमा करता है, तो 15 साल बाद उसे ₹3 लाख 18 हजार मिल सकते हैं। इसी तरह, हर महीने ₹2,000 जमा करने पर 15 साल बाद ₹6 लाख 37 हजार की रकम तैयार हो सकती है।

यह गणना नियमित निवेश और योजना में बताई गई ब्याज दर के आधार पर दी गई है। निवेश की अवधि, जमा राशि और लागू ब्याज दर के अनुसार अंतिम रकम में अंतर हो सकता है। PPF में निवेश शुरू करने से पहले सालाना जमा सीमा और परिवार के अन्य PPF खातों में किए जा रहे निवेश का हिसाब रखना जरूरी है।


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Aakash Sharma
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आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

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