नीमच ।नीमच जिले के ग्राम दलपतपुरा निवासी चंपालाल नंदा भील के लिए पक्का घर कभी सिर्फ एक सपना था। वर्षों तक उनका परिवार मिट्टी और खपरैल के कच्चे मकान में रहने को मजबूर रहा। बारिश के मौसम में छत टपकती थी और दीवारें कमजोर हो जाती थीं। ऐसे हालात में परिवार को हर दिन परेशानी का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी है।
दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार चलाने वाले चंपालाल के लिए खुद का पक्का मकान बनवाना आसान नहीं था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे सालों तक कच्चे मकान में ही रह रहे थे। इसी दौरान उनका चयन प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हुआ। योजना के माध्यम से उन्हें 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि मिली। इसके साथ ही मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस का लाभ भी दिया गया, जिससे परिवार ने श्रमदान कर मकान निर्माण में भागीदारी निभाई।
आज चंपालाल का परिवार पक्के मकान में सुरक्षित जीवन जी रहा है। मजबूत दीवारें और पक्की छत ने उन्हें नया आत्मविश्वास दिया है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिला है और बरसात के दिनों का डर भी खत्म हो गया है।
चंपालाल बताते हैं कि पहले बारिश में रातभर जागना पड़ता था, लेकिन अब पूरा परिवार चैन से सोता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
हाल ही में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा और जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव ने गांव पहुंचकर मकान का निरीक्षण किया और परिवार से चर्चा की।
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