नीमच। मध्यप्रदेश के नीमच जिले ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले ने 109% उपलब्धि दर्ज करते हुए लक्ष्य से अधिक महिलाओं का पंजीयन किया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए गंभीर और प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा और जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का संचालन तेज गति से किया गया। अधिकारियों ने मैदानी अमले के साथ समन्वय बनाकर हर पात्र महिला तक योजना का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया।
योजना का उद्देश्य और लाभ
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना वर्ष 2017 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार करना है। इस योजना के तहत प्रथम प्रसव पर महिलाओं को 5000 रुपये दो किश्तों में दिए जाते हैं, जबकि दूसरी संतान में बालिका जन्म होने पर 6000 रुपये की एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है।
यह योजना खासतौर पर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए सहारा बनकर सामने आई है। इससे महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान जरूरी पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं लेने में मदद मिलती है।
लक्ष्य से अधिक प्रदर्शन
वित्तीय वर्ष 2025-26 में नीमच जिले को 5704 महिलाओं के पंजीयन का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत जिले ने 6221 महिलाओं का पंजीयन कर 109% उपलब्धि हासिल की। यह उपलब्धि न केवल आंकड़ों में बल्कि जमीनी असर के रूप में भी महत्वपूर्ण है।
परियोजनावार स्थिति
जिले के विभिन्न परियोजना क्षेत्रों में भी योजना का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा गया।
- मनासा: 1526 महिलाएं
- नीमच ग्रामीण: 1394 महिलाएं
- जावद: 1061 महिलाएं
- रतनगढ़: 778 महिलाएं
- रामपुरा: 767 महिलाएं
- नीमच शहरी: 695 महिलाएं
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ जिले के हर कोने तक पहुंचा है।
मैदानी टीम की मेहनत रंग लाई
इस सफलता के पीछे महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और फील्ड स्टाफ की अहम भूमिका रही है। उन्होंने घर-घर जाकर महिलाओं को जागरूक किया और पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाया।
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने विभागीय अमले की सराहना करते हुए निर्देश दिए कि सभी पात्र महिलाओं को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए और कोई भी पात्र हितग्राही योजना से वंचित न रहे।
आगे की प्राथमिकताएं
हालांकि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में शानदार उपलब्धि हासिल हुई है, लेकिन प्रशासन के सामने अब समय पर भुगतान और शेष पात्र महिलाओं का पूर्ण पंजीयन सुनिश्चित करना बड़ी जिम्मेदारी है। यदि इन दोनों बिंदुओं पर ध्यान दिया गया, तो यह योजना और अधिक प्रभावी हो सकती है।
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