नीमच | नीमच में आयोजित जनसुनवाई समाधान कार्यक्रम इस बार तेजी से निर्णय लेने और सख्त प्रशासनिक रुख के कारण चर्चा में रहा। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने 95 आवेदकों की समस्याएं सीधे सुनीं और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी मामले में लापरवाही या देरी अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस जनसुनवाई समाधान का उद्देश्य सिर्फ आवेदन लेना नहीं, बल्कि तुरंत समाधान देना रहा, जो इस बार स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
जमीन कब्जा मामले में तत्काल निर्देश
जनसुनवाई समाधान के दौरान चौथखेड़ा निवासी धर्मसिंह का मामला प्रमुख रूप से सामने आया। उन्होंने बताया कि एसडीएम के आदेश के बावजूद उन्हें अब तक जमीन का कब्जा नहीं मिल पाया है।
इस पर कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने नाराजगी जताते हुए तहसीलदार नीमच नगर को सख्त निर्देश दिए कि उसी दिन टीम मौके पर भेजी जाए और आदेश का पालन करते हुए धर्मसिंह को तत्काल जमीन का कब्जा दिलाया जाए।
इस कार्रवाई से यह साफ संकेत गया कि जनसुनवाई समाधान में दिए गए आदेश अब सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे।
दिव्यांग को स्वरोजगार का अवसर
जनसुनवाई समाधान में ग्राम डांगडी के दिव्यांग पंकज चौहान ने स्वरोजगार के लिए सहायता की मांग रखी। उन्होंने बताया कि आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में वे योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
कलेक्टर ने तत्काल उपसंचालक सामाजिक न्याय विभाग को निर्देश दिए कि पंकज को जल्द से जल्द दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किया जाए और उन्हें स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ा जाए।
यह निर्णय प्रशासन की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी दोनों को दर्शाता है, जो जनसुनवाई समाधान का मुख्य उद्देश्य भी है।
विभिन्न क्षेत्रों से आए आवेदन
जनसुनवाई समाधान में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बोरखेड़ी तालाब, दारू, नयागांव, बिहार गंज, इंदिरा नगर, फोफलिया, जूना भदाना सहित कई गांवों और वार्डों के लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं।
इन आवेदनों में जमीन विवाद, सरकारी योजनाओं का लाभ, बुनियादी सुविधाएं और सामाजिक सहायता जैसे मुद्दे शामिल रहे। कलेक्टर ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों की मौजूदगी में त्वरित समाधान
इस जनसुनवाई समाधान में जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव और अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों की उपस्थिति के कारण कई मामलों में मौके पर ही प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जिससे आवेदकों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद बनी।
जनसुनवाई समाधान से बढ़ा भरोसा
लगातार आयोजित हो रहे जनसुनवाई समाधान कार्यक्रम से आम जनता का प्रशासन पर भरोसा मजबूत हो रहा है। लोगों को अब यह भरोसा होने लगा है कि उनकी शिकायतें सुनी ही नहीं जाएंगी, बल्कि उन पर कार्रवाई भी होगी।
तेज निर्णय और जवाबदेही के इस मॉडल से उम्मीद की जा रही है कि जिले में लंबित मामलों में तेजी आएगी और प्रशासनिक कार्यप्रणाली और प्रभावी बनेगी।
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