रतनगढ़ (प्रदीप तिवारी)। सोमवार को रतनगढ़ नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने छह महीने से वेतन नहीं मिलने और विभिन्न मांगों को लेकर नगर परिषद कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन का भुगतान नहीं होने के कारण उनके परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। हड़ताल शुरू होने के बाद नगर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने लगी है, जिससे आने वाले दिनों में गंदगी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों के अनुसार जब तक लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया जाता और उनकी सेवा सुरक्षा को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
छह महीने से वेतन नहीं मिलने का आरोप
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि पिछले छह महीनों से उन्हें नियमित वेतन नहीं मिला है। उनका कहना है कि वे नगर की सफाई व्यवस्था में लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलने के कारण परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
कर्मचारियों के अनुसार बच्चों की पढ़ाई, घर का किराया, बिजली-पानी के बिल, राशन, दवाइयों और अन्य आवश्यक खर्च पूरे करना लगातार कठिन होता जा रहा है। आर्थिक परेशानियों के कारण कई परिवार मानसिक तनाव का भी सामना कर रहे हैं।
15 दिनों से बिजली कटी, अंधेरे में रहने को मजबूर
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वेतन नहीं मिलने के कारण वे बिजली बिल जमा नहीं कर सके। इसके चलते लाइनमैन द्वारा कई कर्मचारियों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले करीब 15 दिनों से उनके परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। खाना बनाने से लेकर दैनिक जरूरतों तक में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मोबाइल चार्ज करने के लिए भी उन्हें पड़ोसियों के घर जाना पड़ रहा है।
उनका कहना है कि समय पर वेतन नहीं मिलने का असर केवल कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार पर पड़ रहा है।
‘ठेकेदार के आदमी’ कहकर अपमानित किए जाने का आरोप
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जो कर्मचारी पिछले पांच से छह वर्षों से नगर की सफाई व्यवस्था में लगातार सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें अब “ठेकेदार के आदमी” कहकर दरकिनार किया जा रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक नगर की सफाई व्यवस्था को बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं, लेकिन अब उनके अनुभव और सेवाओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने इसे अपने सम्मान और अधिकारों से जुड़ा मामला बताया।
कलेक्टर की जनसुनवाई में भी रख चुके हैं मांग
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के अनुसार वे अपनी समस्याओं को लेकर पहले जिला कलेक्टर नीमच की जनसुनवाई में भी पहुंच चुके हैं। उनका कहना है कि वहां अपनी मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इसी कारण कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ सकता है असर
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब नगर की सफाई व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। यदि हड़ताल लंबी चली तो मुख्य सड़कें, गलियां, बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर सफाई प्रभावित हो सकती है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो शहर में गंदगी बढ़ सकती है, जिससे स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होने के साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
- पिछले छह महीनों का लंबित वेतन तत्काल जारी किया जाए।
- कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- नियमित रूप से समय पर वेतन भुगतान किया जाए।
- कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए।
- लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों की सेवाओं को सुरक्षित रखा जाए।
समय पर वेतन मिलने की मांग
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि वे नगर की सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार मेहनत करते रहे हैं। उनका कहना है कि जब काम समय पर लिया जाता है तो मेहनताना भी समय पर मिलना चाहिए। कर्मचारियों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि उनका लंबित वेतन जल्द जारी किया जाए ताकि वे अपने परिवार का सम्मानपूर्वक पालन-पोषण कर सकें और आर्थिक संकट से बाहर निकल सकें।
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