रतलाम में पंचायत का ‘तालिबानी’ फरमान: 8 लव मैरिज के बाद परिवारों का पूर्ण सामाजिक बहिष्कार
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
26 जनवरी 2026, (अपडेटेड 26 जनवरी 2026, 3:20 अपराह्न IST)

रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के पिपलोदा तहसील से एक ऐसी खबर आई है जिसने मानवता और कानून, दोनों को शर्मसार कर दिया है। पांचेवा गांव में ग्रामीणों और पंचायत ने मिलकर लव मैरिज का बहिष्कार करने का एक ऐसा फरमान सुनाया है, जिसकी तुलना अफगानिस्तान के तालिबानी शासन से की जा रही है। पिछले कुछ महीनों में गांव के युवाओं द्वारा अपनी मर्जी से विवाह करने की घटनाओं से नाराज होकर, अब पूरे समाज को इन परिवारों के खिलाफ खड़ा कर दिया गया है।

महापंचायत और वायरल वीडियो का सच

दरअसल, पांचेवा गांव में हाल ही में एक बड़ी बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति हाथ में रजिस्टर लेकर बड़े गर्व से उन नियमों को पढ़ रहा है, जो भारतीय संविधान की धज्जियां उड़ाते हैं। पंचायत का दावा है कि बीते 6 महीनों में गांव के 8 युवक-युवतियों ने प्रेम विवाह किया है। पंचायत के अनुसार, इस लव मैरिज का बहिष्कार करना इसलिए जरूरी है ताकि गांव के अन्य बच्चों पर “बुरा प्रभाव” न पड़े।

सामाजिक बहिष्कार के वो 7 नियम जो रूह कंपा दें

पंचायत ने इन परिवारों को घुटनों पर लाने के लिए सात बेहद सख्त और अमानवीय प्रतिबंध लागू किए हैं:

  1. पूर्ण सामाजिक कटऑफ: इन परिवारों को गांव के किसी भी सुख-दुख या सार्वजनिक उत्सव में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी।

  2. बुनियादी सेवाओं पर रोक: गांव के पंडित, नाई और धोबी जैसे सेवादारों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे इन परिवारों का कोई काम न करें।

  3. आर्थिक नाकेबंदी: इन परिवारों से दूध, राशन या किसी भी जरूरी सामान का लेन-देन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

  4. रोजगार की छंटनी: गांव का कोई भी किसान या व्यापारी इन परिवारों के सदस्यों को काम पर नहीं रखेगा। नियम तोड़ने वाले पर भी जुर्माना लगेगा।

  5. जमीन पर पाबंदी: इन परिवारों की कृषि भूमि को कोई भी ग्रामीण बटाई या पट्टे (Lease) पर नहीं लेगा।

  6. गवाहों को सजा: जो लोग इन शादियों में गवाह बने या जिन्होंने घर से भागने में मदद की, उन्हें भी गांव से बहिष्कृत कर दिया गया है।

  7. भारी जुर्माना प्रणाली: यदि कोई ग्रामीण चोरी-छिपे इन परिवारों की मदद करता पाया गया, तो पंचायत उस पर भारी आर्थिक दंड लगाएगी।

प्रशासनिक दखल और गांव का तनाव

लव मैरिज का बहिष्कार
जनपद सीईओ ब्रह्म स्वरूप हंस

जैसे ही यह मामला जिला प्रशासन की नजर में आया, जावरा SDM सुनील जायसवाल ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जनपद सीईओ ब्रह्म स्वरूप हंस को मौके पर भेजकर मामले की जांच कराई गई। प्रशासन ने गांव वालों को दो टूक चेतावनी दी है कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहाँ लव मैरिज का बहिष्कार करना या किसी का हुक्का-पानी बंद करना संज्ञेय अपराध है।

अधिकारियों के पहुंचने पर गांव में भारी तनाव देखा गया। ग्रामीण अपनी परंपराओं का हवाला दे रहे हैं, जबकि प्रशासन उन्हें जेल भेजने की चेतावनी दे रहा है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि वे इस ‘संविधान विरोधी’ फैसले के खिलाफ रतलाम कलेक्टर को शपथ पत्र सौंपेंगे और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाएंगे।

विशेषज्ञों की राय

कानूनी जानकारों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं कि बालिग लड़का-लड़की अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुन सकते हैं। ऐसे में पंचायत द्वारा लव मैरिज का बहिष्कार करना न केवल मानवाधिकारों का हनन है, बल्कि यह IPC और नए न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दंडनीय है।


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Aakash Sharma
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आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

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