10 करोड़ की MD ड्रग्स के पीछे कौन? रीवा पुलिस की कार्रवाई के बाद कई सवालों की जांच शुरू
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
07 जुलाई 2026, (अपडेटेड 07 जुलाई 2026, 8:52 अपराह्न IST)

रीवा (रीवा MD ड्रग्स)। मध्यप्रदेश के रीवा जिले में पुलिस ने मंगलवार को अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 3.087 किलोग्राम MD ड्रग्स के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार जब्त ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है। कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा केवल दो आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इतनी बड़ी खेप कहां से आई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत की गई। आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों से पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।


मुखबिर की सूचना बनी बड़ी कार्रवाई की वजह

 

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पुलिस के अनुसार 6 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम सोनवर्षा निवासी मंडप सिंह (23) और ज्ञानभूषण शर्मा (27) मोटरसाइकिल से बड़ी मात्रा में MD ड्रग्स लेकर बिक्री के लिए निकलने वाले हैं।

सूचना मिलते ही थाना गढ़ पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 3087 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई। पुलिस के अनुसार इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है। इसके अलावा दोनों के पास से दो स्मार्ट मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।


एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना गढ़ में अपराध क्रमांक 292/2026 दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 22 के तहत मामला कायम किया है।

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले दर्ज हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि MD ड्रग्स बरामदगी के मामले में यह उनकी पहली गिरफ्तारी है।


रीवा MD ड्रग्स: क्या मऊगंज फैक्ट्री से जुड़े हैं इस खेप के तार?

यही सवाल अब इस पूरे मामले का सबसे अहम हिस्सा बन गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जब्त MD ड्रग्स कहां तैयार हुई और इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी। जांच के दौरान हाल ही में मऊगंज में सामने आई कथित MD ड्रग्स फैक्ट्री से भी इस मामले के संभावित संबंधों की जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि दो दिन पहले मऊगंज से पकड़ी गई ड्रग्स की खेप के मुंबई तक पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। ऐसे में अब यह भी जांच का विषय है कि क्या रीवा से बरामद खेप उसी सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक दोनों मामलों के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नहीं की है।


रविवार रात मऊगंज में हुआ था बड़ा खुलासा

इससे पहले रविवार रात मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिझौली गांव स्थित एक सुनसान मकान पर पुलिस ने छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से संदिग्ध MD ड्रग्स, रासायनिक पदार्थ, एसिड, ड्रग्स बनाने के उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की थी। इस मामले में चंदन सिंह, पीकचंद्र यादव, अशोक गुप्ता और ऋषभ सेन को गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस के अनुसार सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद 72 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था और उनसे पूछताछ जारी है।


मोबाइल फोन खोलेंगे नेटवर्क का राज?

जांच एजेंसियां अब जब्त मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। पुलिस का मानना है कि इससे यह जानकारी मिल सकती है कि ड्रग्स की खेप कहां से आई, किन लोगों तक पहुंचनी थी और इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।


पुलिस अधीक्षक ने क्या कहा?

पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस ड्रग्स के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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Aakash Sharma
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आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

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