रतलाम। रतलाम जिले के जावरा में शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यहां रिश्वत लेते बाबू गिरफ्तार होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। उज्जैन लोकायुक्त टीम ने मंगलवार दोपहर शिक्षा विभाग के सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी अनिल वर्मा को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी पर आरोप है कि उसने एक रिटायर्ड शिक्षक से सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र और PPO जारी करने के बदले पैसे मांगे थे।
रिटायर्ड शिक्षक से मांगी थी घूस
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ता लक्ष्मीनारायण लोट शासकीय उमावि हाटपिपल्या, ब्लॉक जावरा से 31 मई को उच्च माध्यमिक शिक्षक पद से रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद जरूरी दस्तावेज जारी करवाने के लिए वे कई दिनों से कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। इसी दौरान आरोपी बाबू ने 20 हजार रुपए की मांग की थी। बाद में सौदा 10 हजार रुपए में तय हुआ।
शिकायत के बाद सक्रिय हुई लोकायुक्त टीम
परेशान होकर रिटायर्ड शिक्षक ने उज्जैन लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की पुष्टि और वॉयस सैंपल सत्यापन के बाद टीम ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। मंगलवार दोपहर शिकायतकर्ता तय रकम लेकर कार्यालय पहुंचा। जैसे ही आरोपी ने पैसे लिए, लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया।
लोकायुक्त टीम के मुताबिक आरोपी ने रिश्वत के 10 हजार रुपए अपनी टेबल की दराज में रजिस्टर के नीचे छिपा दिए थे। टीम ने मौके से रकम बरामद कर ली। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
टीम में ये अधिकारी रहे शामिल
इस कार्रवाई में लोकायुक्त डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल, निरीक्षक हीना डावर, हेड कांस्टेबल हितेश ललावत सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। लोकायुक्त ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो तुरंत शिकायत करें।
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