नीमच। नीमच जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिले में चल रहे सड़क सुरक्षा अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देश पर यातायात पुलिस ने राजकीय राज्य मार्ग-31 सहित कई दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान पुराने ब्लैक स्पॉट्स की समीक्षा के साथ नए संवेदनशील क्षेत्रों को भी चिन्हित किया गया।
ब्लैक स्पॉट्स पर स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी
निरीक्षण के दौरान जावद फंटा, भड़भड़िया फंटा, मालखेड़ा फंटा, जेतपुरा फंटा और भाटखेड़ा फंटा जैसे प्रमुख स्थानों का जायजा लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इन क्षेत्रों में स्पीड ब्रेकरों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा ट्रैफिक संकेतकों को बेहतर किया जाए। इसके साथ ही रात्रिकालीन दुर्घटनाओं को कम करने के लिए हाईमास्ट लाइट लगाने पर भी जोर दिया गया।
संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी
सड़क सुरक्षा अभियान के तहत चल्दु ग्राम कट ऑफ पाइंट और सकरग्राम पुलिया मोड़ को भी संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए यहां विशेष सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए। वहीं हर्कियाखाल फंटा और भंवरासा फंटा क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और स्पीड कंट्रोल सिस्टम जल्द लागू करने की बात कही गई।
वाहन चालकों से नियम पालन की अपील
पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि आमजन की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने तथा यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान एमपीआरडीसी के असिस्टेंट जनरल मैनेजर राहुल बरडे, जावरा-नयागांव टोल कंपनी के जनरल मैनेजर प्रभुलाल मेघवाल और थाना प्रभारी यातायात सोनु बडगुजर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि सड़क सुरक्षा अभियान के तहत आगे भी जिले के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में निरीक्षण और सुधार कार्य जारी रहेंगे।
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