नीमच। नीमच जिले के प्रसिद्ध सागरानी जंगल क्षेत्र में रविवार को अचानक लगी आग ने कुछ समय के लिए प्रशासन और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी। आग की सूचना मिलते ही वन विभाग, जिला प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते बड़ा नुकसान होने से बच गया।
वन विभाग के अनुसार आग लगने की घटना सागरानी माता जी के वन क्षेत्र में सामने आई थी। स्थानीय लोगों ने जंगल क्षेत्र से धुआं उठता देखा, जिसके बाद तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पूरा अमला अलर्ट मोड पर आ गया।
सागरानी जंगल में तेजी से फैल रही थी आग
गर्मी और सूखी झाड़ियों के कारण आग तेजी से फैलने लगी थी। शुरुआती समय में आग ने जंगल के कई हिस्सों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया था। ऐसे में प्रशासन ने तुरंत अलग-अलग टीमों को मौके पर भेजा। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने जंगल के अंदर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। वहीं वन विभाग की टीम लगातार आग को दूसरे हिस्सों तक फैलने से रोकने में जुटी रही। अधिकारियों की सतर्कता और संयुक्त प्रयासों के कारण स्थिति जल्द नियंत्रण में आ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अगर समय पर कार्रवाई नहीं होती तो आग विकराल रूप ले सकती थी। आसपास के ग्रामीणों में भी घटना को लेकर डर का माहौल बन गया था।
वन विभाग की सक्रियता से बची वन संपदा
सागरानी जंगल क्षेत्र में आग से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। कुछ सूखी घास और झाड़ियां जरूर प्रभावित हुई हैं, लेकिन वन संपदा को भारी क्षति होने से बचा लिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जंगल क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रभावित इलाके का निरीक्षण भी किया जा रहा है ताकि दोबारा आग भड़कने जैसी स्थिति न बने।
अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में जंगल अत्यधिक संवेदनशील हो जाते हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
आग लगने के कारणों की जांच शुरू
फिलहाल सागरानी जंगल में आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। वन विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि आग प्राकृतिक कारणों से लगी या फिर किसी की लापरवाही इसकी वजह बनी। कई बार जंगल क्षेत्रों में जलती बीड़ी-सिगरेट फेंकने या सूखी घास में आग लगाने से ऐसी घटनाएं सामने आती हैं। हालांकि अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने की प्रशासन की सराहना
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। लोगों का कहना है कि टीमों ने समय पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण पाया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि आने वाले दिनों में जंगल क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखी जाए और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए।
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